”गहलोत पर कांग्रेस को ही भरोसा नहीं”

Tatpar 28/11/2013

खेतड़ी/श्रीगंगानगर। जिस मुख्यमंत्री को सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और राज्यपाल से कामकाज को लेकर फटकार लग चुकी है, वे मॉडल की बात न करें। 

अशोक गहलोत पर उनकी पार्टी के आला नेताओं को भरोसा नहीं तो फिर जनता कैसे भरोसा करेगी। ये कहना है भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी का। मोदी सोमवार को खेतड़ी और श्रीगंगानगर में चुनावी सभाओं को संबोधित किया। मोदी ने कहा कि मॉडल सरकार बनाने का दम सिर्फ भाजपा में ही है।

सैनिकों का सम्मान करने में विफल रही कांग्रेस मोदी ने केन्द्र और राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सैनिकों के सम्मान की रक्षा करने में विफल रही है। पाकिस्तान देश की सीमाओं में घुसकर जवानों के सिर काट कर ले जाता है और हमारी सरकार कुछ नहीं करती। उन्होंने झुंझनूं में सैनिक स्कूल का मुुद्दा भी उठाया। मोदी ने कहा कि राज्य और केन्द्र में एक ही पार्टी की सरकार होने के बाद भी झुंझनूं में सैनिक स्कूल नहीं बन पाया।

गहलोत रहे निशाने पर

चुनावी सभा के दौरान नरेन्द्र मोदी के निशाने पर विशेष रूप से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उन्होंने कहा कि जिस सरकार पर अदालत, राज्यपाल और उनकी

 

पार्टी के नेताओं को ही भरोसा नहीं उस सरकार पर प्रदेश की जनता कैसे भरोसा कर सकती है।

 

उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार पर भरोसा नहीं होने के कारण ही राहुल गांधी को भरतपुर जिले के गोपालगढ़ में हुए साम्प्रदायिक दंगे के समय अकेले गोपालगढ़ आना पड़ा। उन्होंने जिस मोटरसाइकिल पर सवार होकर गोपालगढ़ का दौरा किया वह भी चोरी की थी और उसको चलाने वाला बदनाम चेहरा था ।

जैसलमेर में क्यों नहीं बना वॉर मेमोरियल

मोदी ने कहा कि उन्होंने सैनिकों के सम्मान के लिए कच्छ में वॉर मेमोरियल का निर्माण कराया है। वहीं राजस्थान की सीमा भी पाकिस्तान से लगती है लेकिन वॉर मेमोरियल नहीं बनाया गया। झुंझनूं के युवा देश के लिए अपने प्राणों की बलि देने के लिए तैयार रहते हैं लेकिन कांग्रेस को इनकी परवाह नहीं।

मॉडल स्टेट देखना है तो गुजरात आइए

नरेन्द्र मोदी ने गहलोत पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे कहते हैं विकास में राजस्थान मॉडल बना है। ये कैसा मॉडल है जिसमें सरकार को सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और राज्यपाल से फटकार मिलती है। राज्यपाल ने यहां तक कह दिया कि काम नहीं होता तो मुझे जिम्मेदारी दे दो। विकास का मॉडल ही देखना है तो गुजरात आइए। मोदी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि आठ दिसंबर के बाद तो वैसे भी गहलोत बेकार हो जाएंगे। उनके पास कोई काम नहीं होगा। इसलिए वे अपने परिवार के साथ गुजरात आइए। गुजरात में उन्हें विकास मॉडल दिखाएंगे। गुजरात बनाने के लिए 46 इंच का सीना चाहिए।

 

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खेतड़ी में सोमवार को भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित करते नरेन्द्र मोदी। ”किसानों से कर्जें वापस वसूल रही सरकारÓÓ

मित्रपुरा/करौली/राजाखेड़ा/हिंडौन/गीजगढ़/बस्सी। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वसुन्धरा राजे ने कहा है कि कांग्रेस ने किसानों को ऋण माफी के नाम पर धोखा दिया है। कांग्रेस सरकार ने 2009 में किसानों का ऋण माफ किया था। ऋण माफी की खबर सुनकर किसानों के चेहरे खिल गए थे। कांग्रेस की यूपीए सरकार ने किसानों को बेवकूफ बनाने के लिए ऋण माफी का पैसा भी बैंकों में जमा करा दिया था। किन्तु हाल ही में किसानों को बैंकों ने नोटिस थमा दिए हैं कि वे अपनी राशि 15 दिनों के अंदर बैंक में जमा कर दें ताकि निर्धारित समय में यह राशि सरकार को लौटाई जा सके।

राजे ने केशोरायपाटन तहसील के काश्तकार प्रभुलाल पुत्र मन्नालाल धाकड़ को बैंक से मिला नोटिस जनता को दिखाते हुए कांग्रेस की असलियत जनता के सामने उजागर की। उन्होंने कहा कांग्रेस ने किसानों के साथ छल किया है। अब कांग्रेस की असलियत सामने आ चुकी है कि वह किस तरह लोगों को झांसा देती है। श्रीमती राजे ने मित्रपुरा, करौली, राजाखेड़ा, हिंडौन, गीजगढ़ एवं बस्सी में आम सभाओं को सम्बोधित करते हुए ये बात कही।

कैसा चहुुंमुखी विकास है कांग्रेस का

वसुंधरा ने कहा मुख्यमंत्री राजस्थान में चहुंमुखी विकास के दावे करते नहीं थकते हैं। मैं पूछना चाहती हूं कि प्रदेश की 35 प्रतिशत आबादी के पास बिजली नहीं है क्या ये ही चहुंमुखी विकास है? प्रदेश में महिलाएं सरकार के मंत्रियों से भी सुरक्षित नहीं हैं क्या ये है चहुंमुखी विकास? प्याज, टमाटर तथा नमक तक जनता की पहुंच से बाहर है क्या यही है चहुंमुखी विकास, सड़कें नहीं हैं, युवाओं को रोजगार नही, क्या ये है इनका चहुंमुखी विकास, अल्पसंख्यक अत्याचार के मामलों में देश पहले नम्बर पर, दलित अत्याचारों के मामलों में दूसरे नम्बर पर क्या यही है कांग्रेस का चहुंमुखी विकास?

गढ्ढों में सड़क

श्रीमती राजे ने कांग्रेस के कुशासन पर प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में हालात बद से बदतर है। किसानों को सिंचाई के लिए न तो बिजली मिल रही है न ही पानी, पीने के लिए शुद्धजल जनता को नसीब नहीं है। सड़कों की हालत इतनी खराब है कि समझ ही नहीं आता सड़कों में गढ्ढे हैं या गढ्ढों में सड़क।