गांधी-मोदी-नहेरु उनका चरित्र(कोंग्रेस की कुलषित साजिश)

 

 

 

 

 

 

 

प्रवीण मैशेरी, रायपुर। भारत एक महान तपस्वियों का देश हैं जहां देश एवं जनकल्याण हेतु घर परिवार का त्याग कर देशहीतार्थ ब्रह्मचर्य की महान परमपरा रही है कोंग्रेस आज जिन महान सपूत संत के नाम को भुना कर 70 वर्षो से देश को चर रही है उस संत पुरूष महात्मा गांधी ने देश की खातिर त्याग तपस्या का ऐसा उदाहरण पेश किया ब्रह्मचार्य का व्रत ले लिया ।

ठीक वैसी ही महान परम्परा RSS मतलब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की रही में आज भी है जहां मातृभूमि के दीवाने अपना सर्वस्व न्योछावर करके घर फूंक कर निकल पड़ते हैं वे भी संत ही है साधु ही हैं फर्क बस इतना है उन्होंने गेरुआ वस्त्र नहीं पहना कमण्डल धारण नहीं किया पर हैं तो वे संत ही जिन्हों ने देशसेवा काजे आजीवन अविवाहित रहतें हुए जीवन मातृभूमि को अर्पित कर दिया जिनमें अटलजी,पण्डित दीनदयाल उपाध्याय, पूज्य गुरु गोलवलकर,डॉ.हेडगेवारजी,मोहन भागवतजी,मदनदास जी जैसे हजारों त्यागी हो चुके हैं यह बात देश में RSS विरोधियों के समझ नहीं आएगी क्योंकि कोंग्रेसी परम्परा तो नहेरु की विरासत ग्रहण करती है जो अनेक पर नारी से सबंध रखनें जाने जातें हैं उनकी तस्वीरों में यह साफ झलकता भी है।

महात्मा गांधी जिन्होंने एक पत्नी एवं बाद में ब्रह्मचर्य का कठोर व्रत ले लिया अक्सर अपनी दो प्रिय शिष्याओं के कंधों पर हाथ के सहारे चलते थे उन्हों अपने सत्य के प्रयोगों में यह भी लिखा है वे यह देखने की कहीं उनका मन डोल तो नहीं रहा उनको अपने साथ सुलाते भी थे पर इसका यह मतलब नहीं वे व्यभिचारी थे।

RSS की महान परंपरा ने देश को शेर ए हिंदुस्तान नरेंद्र दामोदर मोदी दिया जो घर फूंक विवाह की पहली रात मनाएं बगैर घर त्याग कंटीले रास्तों पर निकल पड़े यह बात कोंग्रेसियों को हजम नहीं हो रही सो वे आए दिन उनके विरुद्ध अभद्र पोस्ट डाल उनका चरित्रहनन करने की साजिश करतें रहतें हैं उन्हें गांधी को समझना होगा सबको नहेरू के चश्में से देखना बंद करना होगा कोंग्रेसी को याद रखना चाहिए यह जो जनता है सब जनती हैं।