गुजरात विधानसभा ने आतंकवाद और संगठित अपराधों पर कारगर ढंग से नियंत्रण के लिए विधेयक पास किया।

गुजरात विधानसभा ने आज गुजरात आतंकवाद और संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक 2015 पारित कर दिया। इस विवादित विधेयक को आज ही सरकार ने विधानसभा में पेश किया था। इस विधेयक को पहले दो राष्‍ट्रपतियों ने राज्‍य सरकार के पास पुनर्विचार के लिए वापस भेजा था। यह विधेयक 2003 के गुजरात संगठित अपराध नियंत्रण के मूल विधेयक का संशोधित स्‍वरूप है। मूल विधेयक को केन्‍द्र में पहले की एनडीए और यूपीए सरकारों ने अनुमति नहीं दी थी।   विधेयक का उद्देश्‍य सबूत के लिए फोन कॉल रिकार्ड करना और उनको बीच में सुनने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों को अधिकार देना है। विधेयक में प्रावधान किया गया है कि खुद को निर्दोष साबित करने की जिम्‍मेदारी आरोपी की होगी। विधेयक पारित कराने के विरोध में विपक्षी कांग्रेस सदस्‍यों ने विधानसभा से वॉकआउट किया।