गौर बोले- मेरे सम्मान का कत्ल हुआ, सोच रहा हूं विधायक भी रहूं या नहीं

भोपाल. शिवराज मंत्रिमंडल से हटाए गए पूर्व गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने शुक्रवार को अपनी पीड़ा बयां की। गौर ने कहा कि दिल्ली के नेताओं ने उनके सम्मान का कत्ल किया है। लेकिन फिर भी भाजपा नहीं छोड़ूंगा। यह जरूर है कि सबसे वरिष्ठ होने के बाद अब मंत्री पद नहीं रहा तो विधानसभा में सिर्फ दर्शक की भूमिका बन गई है। क्या करूंगा? सोच रहा हूं कि विधायक रहूं भी या नहीं। यही बात पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री सरताज सिंह ने भी कही। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में काम करने के अलावा अपने व्यवसाय पर ध्यान दूंगा।
गौर ने कहा कि राजनीति अब व्यवसाय हो गई है। यह पूछने पर कि क्या वे विधायक पद से भी इस्तीफा देंगे, उन्होंने कहा कि वे इस पर विचार करेंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे। गौर ने ‘बड़ी देर भई नंदलाला, तेरी राह तके बृजबाला’ गीत गाकर अपनी स्थिति बयां की।
मुख्यमंत्री ने कहा- दिल्ली से दबाव था, कुछ नहीं कर पाया
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार की सुबह सरताज सिंह को चाय पर बुलाया और कहा कि वे नहीं चाहते थे कि इस्तीफा लिया जाए। राष्ट्रीय नेताओं को दबाव था। इसलिए कुछ नहीं कर पाया। इस पर सरताज का कहना था कि हटाना ही था तो पहले बताया जाता। हमार पक्ष सुना जाता। यह ठीक नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने शाम 5 बजे गौर को भी बुलाया। साथ ही दो बार फोन भी किया। शाम को लेकिन वे अज्ञातवास पर चले गए। बताया जा रहा है कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में गए थे। इस दौरान गौर ने तीन बार सीएम निवास फोन किया। बाद में शाम 7 बजे जब मुख्यमंत्री सीएम निवास पहुंचे, तब गौर भी गए।
पांच मिनट रुके, चाय पीने से मना किया
सीएम निवास गए गौर सिर्फ पांच मिनट ही वहां रुके। मुख्यमंत्री ने चाय ऑफर की तो गौर ने मना कर दिया। तब मुख्यमंत्री बोले-चाय तो पीना ही पड़ेगी। इस पर गौर ने चाय पी और बिना कुछ कहे वहां से निकल गए।
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही सामने आए सियासी गतिरोध
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब उसके सियासी गतिरोध सामने आने लगे हैं। दिल्ली में केंद्रीय नेताओं के साथ एक दिन पहले हुई चर्चा में संजय पाठक और सूर्य प्रकाश मीणा के नाम पर बात नहीं हुई। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के दिन दोपहर में दिल्ली जो सूची भेजी गई, उसमें भी संजय पाठक का नाम नहीं था फिर ऐन वक्त पर जोड़ा गया। इसे लेकर भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने संघ के नेताओं से शिकायत की, जिसके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान और संगठन महामंत्री सुहास भगत से संघ ने बात की। पार्टी के वरिष्ठों का यह भी कहना है कि प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने मप्र में घटे पूरे घटनाक्रम से दिल्ली को अवगत कराया है।
संजय पाठक के परिवार ने बरसों भाजपा के खिलाफ काम किया
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में चर्चा के बाद रंजना बघेल, सुदर्शन गुप्ता और रामलाल रौतेल का नाम तय हो गया था। केंद्रीय नेताओं ने यह भी कहा कि ओमप्रकाश सकलेचा या यशपाल सिंह सिसोदिया में से एक को रखा जा सकता है। इस बारे में सुंदरलाल पटवा से बात करके निर्णय लें। इसी तरह भंवर सिंह शेखावत और प्रदीप लारिया पर भी विचार करने की बात हुई, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। मप्र में जब नामों को अंतिम रूप दिया जाने लगा तो स्थानीय स्तर पर बड़े नेताओं के विरोध के बाद रंजना, सुदर्शन और रौतेल के नाम अंतिम सूची बाहर हो गए। संजय पाठक का नाम भी करीब साढ़े तीन बजे के करीब जुड़ा। शुक्रवार को संघ की संस्था शारदा विहार में स्वयंसेवकों की बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बिना कारकेड के पहुंचे। जैन ने कहा कि कांग्रेस से आए संजय पाठक और बसपा से आए (हर्ष सिंह) लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल करने से विचार धारा प्रभावित होती है। साथ ही कार्यकर्ता निराश होता है। संजय पाठक के परिवार ने बरसों भाजपा के खिलाफ काम किया। इसके बाद संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने भी इस मामले में जानकारी ली।
मोघे के साथ गुप्ता, हार्डिया और ऊषा सीएम से मिले, दो-तीन माह मिल सकता है इंदौर को प्रतिनिधित्व
इंदौर के मामले में अब भाजपा के पूर्व संगठन महामंत्री कृष्ण मुरारी मोघे ने मध्यस्थता की है। मोघे शुक्रवार की सुबह सीएम निवास पहुंचे। उनके साथ महेंद्र हार्डिया, सुदर्शन गुप्ता और ऊषा ठाकुर भी थे। मुख्यमंत्री ने चर्चा के बाद आश्वस्त किया कि इंदौर को दो-तीन माह में प्रतिनिधित्व मिल जाएगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले- संगठन और टिकट में भी लागू करेंगे ‘75 पार’ का फाॅर्मूला
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि ‘75 पार’ का फार्मूला संगठन में टीम के गठन के दौरान लागू किया जाएगा। साथ ही 2018 के टिकट बांटते समय भी इस पर ध्यान रहेगा। चौहान ने सीनियर नेताओं के बारे में कहा कि इनके मार्गदर्शन की जरूरत पड़ेगी।
क्या निगम-मंडलों पर भी लागू होगा
अब सवाल उठे हैं कि क्या भाजपा इसे निगम-मंडलों में भी यह फॉर्मूला लागू करेगी। राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष बाबूलाल जैन 85 साल के हैं। माइनिंग कार्पोरेशन के उपाध्यक्ष करीब 77 वर्ष के हैं। नीमच के कुकडेश्वर नगर परिषद अध्यक्ष समरथलाल पटवा की उम्र 84 साल है। समरथ पटवा पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भाई व पर्यटन राज्यमंत्री सुरेंद्र पटवा के पिता हैं।