ग्रीस ने ठुकराया यूरोप का राहत पैकेज, आज कर्ज चुकाने का अंतिम मौका

एथेंस (ग्रीस) . कभी दुनिया जीतने निकले सिकंदर का ग्रीस (यूनान) आज बाजार की बाजी हारता नजर आ रहा है। मुकद्दर ने साथ नहीं दिया तो वह 21वीं सदी में ऐसा पहला देश बन जाएगा जो डिफाॅल्टर घोषित होगा। ग्रीस पर 11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। इसकी पहली किस्त 12 हजार करोड़ रुपए चुकाने का मंगलवार आखिरी दिन है।
ग्रीस ने ठुकराया राहत पैकेज
यूरोपियन कमीशन ने ग्रीस को संकट के इस वक्त में मदद का ऑफर दिया था, जिसे ग्रीस ने ठुकरा दिया। कमीशन के प्रेसिडेंट जीन क्लॉड जंकर ने ग्रीस को आखिरी वक्त में एक नए राहत पैकेज का ऑफर दिया था। इस ऑफर के तहत ग्रीस के प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिप्रास को मंगलवार तक इसके लिए लिखित स्वीकृति भेजनी थी। साथ ही, 5 जुलाई को होने वाले जनमत संग्रह में बेलआउट के पक्ष में प्रचार करने पर सहमति देनी थी, लेकिन ग्रीस ने इसे ठुकरा दिया। ग्रीस के अखबार कैथीमरीनी की रिपोर्ट के मुताबिक, सिप्रास सरकार ने जंकर के इस प्रस्ताव को अपमानजनक ठहराते हुए ठुकरा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वो जनमत संग्रह में भी आईएमएफ की शर्तें न मानने के पक्ष में वोट करेंगे। सिप्रास ने देश के लोगों से भी जनमत संग्रह में शर्तें न मानने के लिए वोट करने की अपील की है।
आईएमएफ और मोहलत देने को तैयार नहीं
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) अपनी इस डेडलाइन को तब तक आगे बढ़ाने को तैयार नहीं है, जब तक ग्रीस उसकी शर्तें नहीं मान लेता। गहराते संकट के बीच दुनियाभर के शेयर बाजारों की नजर 5 जुलाई को होने वाले जनमत संग्रह पर टिकी है। ग्रीस के लोग उस दिन इस बात पर वोटिंग करेंगे कि उनके देश को ये शर्तें माननी चाहिए या नहीं? अगर देश ने आर्थिक सुधारों की मांग को खारिज कर दिया तो 20 जुलाई को यूरो जोन की बैठक में ग्रीस डिफॉल्टर घोषित हो जाएगा और उसे यूरो जोन से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
ग्रीस में सारे बैंक 6 जुलाई तक बंद
अपनी हैसियत से अधिक खर्च करने के लिए बदनाम हो चुके ग्रीस में 6 जुलाई तक सारे बैंक बंद कर दिए गए हैं। एटीएम से भी एक दिन में 60 यूरो (करीब 4300 रुपए) से ज्यादा निकालने पर रोक है। यही वजह है कि एटीएम पर भारी भीड़ है। लोग बिना अनुमति देश से बाहर पैसे नहीं भेज सकते हैं। स्टॉक एक्सचेंज बंद हो गया है।
वो सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं, बता रहे हैं- भास्कर एक्सपर्ट अर्थशास्त्री बीबी भट्‌टाचार्य
कितना कर्ज
ग्रीस पर 11.14 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है, जो जीडीपी का 175 फीसदी है। भारत का कर्ज जीडीपी के मुकाबले 68 फीसदी है।
आज क्या?
आईएमएफ के 12 हजार करोड़ रुपए चुकाने हैं। आईएमएफ समय सीमा नहीं बढ़ाता, लेकिन संभव है कि 5 जुलाई तक का समय दे देे।
शर्तें नहीं मानी तो?
वह यूरोपियन यूनियन और यूरो जोन से बाहर हो सकता है। तब उसे अपनी पुरानी करेंसी ड्रैकमा लागू करनी पड़ेगी। लेकिन यह आसान नहीं होगा। यूरो-ड्रैकमा की अदला-बदली का अनुपात तय करना मुश्किल होगा।
यह विचारधारा की भी लड़ाई
ग्रीस की नई सरकार वामपंथी है। आईएमएफ और पश्चिमी देश पूंजीवादी विचारधारा के हैं। आईएमएफ की शर्तों के मुताबिक, ग्रीस सरकारी खर्च कुछ कम करने को तैयार है। लेकिन वह टैक्स भी बढ़ाना चाहता है। आईएमएफ को ये मंजूर नहीं।
और क्या संभव है?
व्यापार का बहिष्कार हो सकता है। यह कठोर कदम होगा। ग्रीस का आयात-निर्यात बंद हो जाएगा।
तो क्या 2008 जैसी मंदी?
ग्रीस संकट का असर 2008 के लीमन संकट से कम होगा। हालांकि, छोटी अवधि के लिए असर दिखेगा। बाजार पहले ही ये संकट भांप चुका है, इसलिए लंबी अवधि के लिए असर नहीं पड़ेगा।
भारत पर क्या पड़ सकता है असर?
ग्रीस संकट के कारण भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 2.17% और निफ्टी 2.2% गिरा। भारत के शेयर बाजार में लिस्टेड कुछ आईटी, फार्मा और ऑटो कंपनियां यूरो में लेनदेन करती हैं। उन्होंने यूरोप की बैंक्स से कर्ज भी लिया है। अगर ग्रीस संकट के कारण यूरोप की बाकी बैंक्स में इंटरेस्ट रेट बढ़ता है तो ये कंपनियां भारतीय बाजार या भारतीय बैंक्स से अपना पैसा निकालेंगी। इस वजह से यहां गिरावट देखी जा सकती है।
संकट खिंचा तो?
ग्रोथ रेट में मामूली गिरावट आ सकती है। ब्याज दरें बढ़ेंगी।
शेयर बाजारों का क्या?
अनिश्चितता में एफआईआई पैसा निकाल कर रख लेते हैं। इसलिए तेज उतार-चढ़ाव दिख सकता है। सोमवार को भी सेंसेक्स 600 अंक गिरा, लेकिन फिर संभल गया।
कर्ज माफ हो, वरना सब भुगतेंगे
ग्रीस का कर्ज माफ हो या 10 साल तक कर्ज वापसी रोक दी जाए। उसे और मदद दी जाए। वरना संकट पूरी दुनिया में फैलेगा। – जोसेफ स्टिगलिज, नोबेल विजेता अर्थशास्त्री
दुनिया के बाजार गिरे
अमेरिकी बाजार 1.50%
चीन का शंघाई 3.53%
जापान का निक्केई 2.88%
हांगकांग का हैंगसेंग 2.61%
जर्मनी का डेक्स 3.56%
फ्रांस का कैक 3.74%