घर पर आराम नहीं फरमा सकेंगे ‌BJP नेता, हर दिन के काम का देना होगा हिसाब

लखनऊ. हाल ही में पांच राज्यों के बाद बीजेपी ने यूपी पर फोकस करना शुरू कर दिया है। यहां अगले साल चुनाव होने हैं। अमित शाह ने यहां के लिए कुछ हाईटेक तरीके अपनाए हैं। पार्टी नेताओं को रेडियो फ्रीक्वेंसी वाले अटेंडेंस कार्ड दिए जा रहे हैं। अब नेता दोपहर में लंच और आराम के लिए घर नहीं जा सकेंगे। पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव मीट भी इलाहबाद में 12-13 जून को होने वाली है।
अब लापरवाही की गुंजाइश नहीं….
– फरवरी में अमित शाह यहां बीजेपी के नए हेडक्वार्टर की फाउंडेशन रखने के लिए आए थे। उस दौरान जब शाह ने दीवारों पर पान खाकर थूकने के धब्बे और गंदगी देखी थी तो काफी खफा हुए थे।
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब सब कुछ बदल रहा है। रेडियो फ्रीक्वेंसी चिप वाले अटेंडेस कार्ड नेताओं और वर्कर्स को दिए गए हैं। इससे हाईकमान को नेताओं का रियल टाइम डाटा मिल सकेगा।
– कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह का दौर देख चुके एक नेता का कहना है कि नेता ऑफिस तभी आते हैं जब उन पर प्रेशर डाला जाता है। इसके बाद भी वो लंच और आराम करने के लिए घर चले जाते हैं। लेकिन अब हमसे कहा गया कि ये तरीके फौरन बदले जाएं।
अटेंडेस कार्ड्स से क्या होगा फायदा?
– नए इलेक्ट्रॉनिक कार्ड्स से नेता और वर्कर्स के पास एक यूनीक नंबर आ जाएगा। इसके जरिए वो लाइब्रेरी, पॉलिसीस और डॉक्यूमेंट्स को देख सकेंगे।
– इतना ही नहीं, ये लोग मीटिंग्स की जानकारी भी सीधे बड़े नेताओं को भेज सकेंगे। इससे जमीन पर क्या काम हो रहा है, इसकी जानकारी सेंट्रल लीडरशिप को मिल सकेगी।
– ऑनलाइन कार्ड्स की ये व्यवस्था जुलाई में पूरी तरह शुरू हो जाएगा। इसके पहले फेज में करीब 1800 डिवीजनल ऑफिस इंचार्ज ऑनलाइन हो जाएंगे। इसके बाद 1.5 लाख वर्कर्स को इससे जोड़ा जाएगा जो बूथ लेवल पर काम करेंगे।
क्यों किया शाह ने ऐसा?
– दरअसल, शाह का हाईटेक प्लान और सख्ती उनके 2013 के एक्सपीरिएंस का नतीजा है। उस दौरान शाह लोकसभा चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में यूपी आए थे।
– शाह ने तब पाया कि यहां के नेता दफ्तर सिर्फ तब आते हैं जबकि सेंट्रल लीडरशिप का कोई शख्स यहां आता है। शाह पैर छूने की परंपरा से भी नाराज हुए थे।
– उनका मानना है कि ऐसा करके वोटर्स से नहीं जुड़ा जा सकता।
– एक सीनियर लीडर का मानना है कि शाह की मेहनत पार्टी को अपने बेहतरीन पुराने दिनों में लौटा सकती है। लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने यहां 80 में से 71 सीटें हासिल की थीं।
इलाहबाद में नेशनल एग्जीक्यूटिव मीटिंग
– बीजेपी यूपी असेंबली इलेक्शन और 2019 में होने वाले लोकसभा इलेक्शन के लिए तगड़ी तैयारियां कर रही है।
– इसी की स्ट्रैट्जी तैयार करने के लिए पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव मीटिंग 12 और 13 जून को यहां बुलाई गई है।
– इसमें मोदी समेत पार्टी का हर बड़ा नेता और सीएम शामिल होगा। इलाहबाद में फिलहाल, समाजवादी पार्टी का दबदबा है। हालांकि, एक दौर में इसे कांग्रेस का गढ़ माना जाता था।