घोषणा पत्र का एक बड़ा वायदा पूरा : डॉ. रमन सिंह

Tatpar 4 Jan 2014

राज्य सरकार ने अपने घोषणा पत्र के एक बड़े वायदे को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं (प्रवेश एवं भर्ती परीक्षाओं) में अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के परीक्षार्थियों के परीक्षा शुल्क में कमी करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां बताया कि विधानसभा चुनाव 2013 के घोषणा पत्र में यह वायदा किया गया था कि व्यापम की प्रतियोेगी परीक्षाओं में अन्य पिछड़े वर्गों के परीक्षार्थियों को अनुसूचित जाति-जनजाति के समान परीक्षा शुल्क की सुविधा दी जाएगी। इस घोषणा पर अमल करने के साथ-साथ राज्य सरकार ने सभी वर्गों के परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा शुल्क कम करने का फैसला किया है। आगामी वर्ष 2014-15 में होने वाली प्रवेश परीक्षाओं में आवेदकों को परीक्षा शुल्क में 33 प्रतिशत से 56 प्रतिशत तक और भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा शुल्क में 31 प्रतिशत से 54 प्रतिशत तक विशेष छूट मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे प्रदेश के युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार अधिक से अधिक संख्या में शासकीय सेवा में रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और शासन को भी परीक्षार्थियों की अधिक से अधिक भागीदारी के फलस्वरूप विभिन्न विभागों के लिए बेहतर कर्मचारी मिलेंगे। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि वर्तमान में (वर्ष 2013-14 में) व्यापम की प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने वाले सामान्य वर्ग के आवेदकों के लिए परीक्षा शुल्क 450 रूपए, अन्य पिछड़े वर्गों के लिए भी 450 रूपए और अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के लिए 300 रूपए निर्धारित है। इसे आगामी वर्ष 2014-15 में घटाकर सामान्य वर्ग के लिए 300 रूपए, अन्य पिछड़े वर्ग के लिए 250 रूपए और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए 200 रूपए निर्धारित किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में वर्तमान वर्ष 2013-14 में परीक्षा शुल्क सामान्य वर्ग और अन्य पिछड़े वर्ग के आवेदकों के लिए 650 रूपए तथा अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए 450 रूपए निर्धारित है। इसे घटाकर सामान्य वर्ग के लिए 450 रूपए, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 300 रूपए और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए 300 रूपए निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।
प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा शुल्क  में कमी करने के कारण व्यापम की वार्षिक आमदनी में कुल आठ करोड़ 65 लाख रूपए की कमी संभावित है। इसमें प्रवेश परीक्षाओं के शुल्क से होने वाली आमदनी में तीन करोड़ 80 लाख रूपए और भर्ती परीक्षाओं के शुल्क से होने वाली आमदनी में चार करोड़ 85 लाख रूपए शामिल है। लेकिन इसके बाद भी व्यापम को 20 प्रतिशत की शुद्ध आमदनी होगी। वर्तमान में व्यापम के पास 43 करोड़ रूपए की धनराशि उपलब्ध है। नवीन भवन की व्यवस्था के लिए इसमें से आठ करोड़ रूपए खर्च संभावित है। देनदारियों को घटाने पर व्यापम के पास 35 करोड़ रूपए उपलब्ध है।