चीन का और बढ़ा भरोसा, लॉन्च किया भारत-समर्पित निवेश फंड

चीन के सबसे बड़े सरकारी बैंक ‘इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना’ (ICBC) ने देश का पहला भारत-समर्पित निवेश फंड लॉन्च किया है. इस फंड में चीन की आम जनता भी निवेश कर सकेगी और इसके माध्यम से भारतीय शेयर बाजार की मजबूती का फायदा उन्हें मिलेगा.

गौरतलब है कि हाल में पीएम मोदी ने चीन के वुहान शहर का सफल दौरा किया था. उसके बाद से चीन ने सामरिक और व्यापारिक मोर्चे पर कई नरमी के संकेत दिए हैं. भारत से चीन में आयात होने वाली कई महत्वपूर्ण दवाओं पर इम्पोर्ट ड्यूटी हटा दी गई. इसके बाद इस तरह का फंड लाने से दो संकेत मिलते हैं. पहला, चीन को भारत के बेहतर भविष्य पर भरोसा है और दूसरा, उसे इस बात पर भी भरोसा है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते आगे बेहतर रहेंगे.

बैंक ने एक बयान में बताया, ‘आईसीबीसी क्रेडिट सुइस इंडिया मार्केट फंड’ नामक यह फंड अमेरिका और यूरोप के 20 से ज्यादा एक्सचेंज के ऐसे सूचीबद्ध एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में निवेश करेगा, जो भारतीय बाजार पर आधारित हैं. चीन में जनता को भारत में निवेश का फायदा देने वाला यह पहला फंड है.’

आईसीबीसी क्रेडिट सुइस एसेट मैनेजमेंट कंपनी के फंड मैनेजर लिउ वेइलिन ने सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में लिखे एक लेख में बताया है, ‘यह फंड भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य में निवेश करेगा और समूचे भारतीय बाजार औद्योगिक ढांचे के वितरण पर नजर रखेगा.’

भारत में चीनी कंपनियों की बढ़ती रुचि की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ‘हाल के रिसर्च से यह संकेत मिलता है कि लगातार जारी नीतिगत सुधारों, मैक्रो इकोनॉमिक दशाओं में सुधार और मुनाफा कमा सकने की बढ़ी क्षमता की वजह से भारतीय बाजार धीरे-धीरे दुनिया के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन वाले बाजारों में शामिल होता जा रहा है.

अलीबाबा और टेन्सेंट के नेतृत्व में कई भारतीय टेक कंपनियां भारत के स्टार्ट-अप में निवेश कर रही हैं, या उन्हें खरीद रही हैं.

चीनी निवेशकों के लिए भारतीय शेयर बाजार में निवेश का बेहतरीन मौका

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने पिछले महीने कहा था कि साल 2017 के अंत तक, भारत में चीनी निवेश बढ़कर 8 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया. लिउ ने कहा, ‘भारत में कैपिटल इनफ्लो 2.1 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जो अन्य बाजारों के बिल्कुल विपरीत स्थिति है. इससे यह पता चलता है कि विदेशी निवेशक भारत के आर्थिक ताकत को समझ रहे हैं. चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक टकराव का भारत पर कोई असर नहीं हुआ है और यह फंडों के लिए सुरक्ष‍ित स्वर्ग साबित हुआ है. सबसे महत्वपूर्ण बात है कि भारतीय शेयर बाजार का लांग टर्म का रुख सकारात्मक बना हुआ है. चीनी निवेशकों के लिए यह भारतीय शेयरों में निवेश का सर्वश्रेष्ठ मौका है.’

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