चैंपियंस ट्रॉफी: श्रीलंका को हरा फाइनल में पहुंचेगा भारत!

tatpar 20 june 2013

कार्डिफ। टूर्नामेंट में अब तक एक भी मैच नहीं हारी भारतीय टीम का सामना गुरुवार को आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में उपमहाद्वीपीय प्रतिद्वंद्वी श्रीलंका से होगा तो उसे आत्ममुग्धता से बचना होगा। कागजों पर भारत का पलड़ा भारी लग रहा है, लेकिन श्रीलंका सेमीफाइनल में प्रवेश से पहले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को हरा चुका है।

भारत ग्रुप ऑफ डेथ से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम थी, जिसने एक भी मैच नहीं हारा है। वहीं ऑस्ट्रेलिया को हराकर श्रीलंका सेमीफाइनल में पहुंचने वाली आखिरी टीम बनी। दोनों टीमों के यह मुकाबला एक तरह से 2011 विश्व कप फाइनल की पुनरावृत्ति होगी, जिसमें भारत ने श्रीलंका को छह विकेट से मात दी थी। श्रीलंका के लिए यह विश्व कप फाइनल की हार का बदला चुकता करने का सुनहरा मौका होगा।

श्रीलंका ने कमोबेश उसी टीम को चैंपियंस ट्रॉफी में उतारा है, जबकि श्रीकांत की जगह मुख्य चयनकर्ता के रूप में संदीप पाटिल के आने से भारतीय टीम में कई नए खिलाड़ी आए हैं। विश्व कप विजेता टीम से सिर्फ धौनी, विराट कोहली और सुरेश रैना इस टीम में हैं। रवींद्र जडेजा और शिखर धवन जैसे युवा खिलाड़ियों के आने से भारत की फील्डिंग बेहतर हुई है। चैंपियंस ट्रॉफी के लिए इंग्लैंड आने के बाद से भारतीय खिलाड़ी बेहतरीन फॉर्म में हैं। भारत ने अब तक अभ्यास मैच सहित पांच मैच खेले हैं, जिनमें से तीन मैचों में 300 से अधिक रन बनाए हैं। दूसरी ओर श्रीलंका ने मैच दर मैच बेहतर प्रदर्शन किया है।

भारत की बल्लेबाजी शिखर धवन, कोहली और कार्तिक जैसे युवा खिलाड़ियों पर निर्भर है। श्रीलंका के लिए कुमार संगकारा ने इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 134 रन बनाकर फॉर्म में वापसी के संकेत दिए। महेला जयवर्धने ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 84 रन बनाए। संगकारा, जयवर्धने और तिलकरत्ने दिलशान श्रीलंकाई बल्लेबाजी की धुरी है। मध्यक्रम में लाहिरू थिरिमाने, एंजेलो मैथ्यूज और दिनेश चांदीमल होंगे।

सेमीफाइनल के लिए ग्लेमोर्गन मैदान के स्टाफ ने सोफिया गार्डंस पर नया ट्रैक बिछाया है। मुख्य क्यूरेटर कीथ एक्सटन का कहना है कि 280 रन का स्कोर चुनौतीपूर्ण जबकि 300 का स्कोर यहां सुरक्षित होगा। गुरुवार को यहां आसमान पर बादल छाए रहने की उम्मीद है। ऐसे में सीमर्स को मौसम का लाभ मिलेगा, लेकिन जो बल्लेबाज धैर्य बनाए रखेंगे और परिस्थितियों का सम्मान करेंगे बड़ा स्कोर बना सकते हैं।

भारत और श्रीलंका चैंिपयंस ट्रॉफी 2002 फाइनल में भिड़ चुके हैं और एक नहीं बल्कि दो बार। लगातार दो दिन बारिश होने से पहली बार आइसीसी के किसी बड़े टूर्नामेंट में खिताब दो टीमों में बांटना पड़ा था। लेकिन गुरुवार को न तो इतिहास न हंी अभ्यास मैचों का परिणाम कोई प्रभाव डालेगा। श्रीलंका को अभ्यास मैच में भारत के हाथों हार मिली थी। अनुभवी महेला जयवर्धने पहले ही कह चुके हैं कि अभ्यास मैच हो या फिर कोई मैच, यहां इसकी गिनती नहीं क्योंकि यह सेमीफाइनल है और हम फिलहाल इसके बारे में सोच रहे हैं। हम जीतना चाहेंगे। जाहिर है भारतीय टीम भी अंतिम बार खेले जा रहे इस टूर्नामेंट को जीतने के लिए बेताब है।