जम्मू कश्मीर: पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या में एक गिरफ्तार

राइज़िंग कश्मीर अखबार के संपादक शुजात बुखारी को शुक्रवार को उनके पैतृक गांव में उन्हें सुपुर्दे खाक़ किया गया। भारी बारिश के बावजूद बारामूला जिले के एक गांव में हजारों लोग नम आंखों से शुजात बुखारी के जनाजे के साथ-साथ चल रहे थे। शुजात बुखारी हत्या मामले में सरकार ने एसआईटी का गठन किया है और चार संदिग्ध हमलावरों में से एक की गिरफ्तारी भी हो गई है।

ख़बर गुरुवार के शाम ही है, जब अपने ऑफिस से निकलते हुए राइज़िंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी को कई हमलावरों ने गोली की बौछार कर दी। इस हत्या में शुजात के अलावा उनके दो सुरक्षाकर्ंमियों की भी मौत हो गई। लेकिन, शुजात बुखारी की हत्या की ख़बर को 24 घंटे से ज्यादा वक्त भले ही बीत गया हो, लेकिन एक सवाल जो शुक्रवार को भी सबको मथता रहा कि आख़िर क्यों? बहलहाल, शुजात बुखारी का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव में उन्हें सुपुर्दे खाक़ किया गया। भारी बारिश के बावजूद बारामूला जिले के एक गांव में हजारों लोग नम आंखों से शुजात बुखारी के जनाजे के साथ-साथ चल रहे थे। बुखारी के जनाजे में शामिल होने उनके पैतृक गांव आनेवालों में पीडीपी तथा भाजपा के मंत्री तथा विपक्ष के नेता उमर अब्दुल्ला भी शामिल थे।  इस बीच पुलिस ने साफ कर दिया है कि ये एक आतंकी घटना थी । पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीन संदिग्धों की पहचान की है जबकि इसी फुटेज के आधार पर चौथे संदिग्ध को पकड़ लिया गया है। पुलिस ने उसके कपड़े और पिस्टल बरामद कर ली है।

पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। शुजात बुखारी मामले के सामने आते ही चाहे राजनेता हो या आम लोग इस कायराना हरकत की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की गई तो बुखारी के योगदान को सबने याद किया। जम्मु प्रेस क्लब ने शुजात बुखारी को भावभीनि श्रद्धांजलि दी। राइजिंग कश्मीर का दैनिक संस्करण शुक्रवार बाजार में आया जिसमें पहले पूरे पन्ने पर काले रंग की पृष्ठभूमि में दिवंगत प्रधान संपादक की तस्वीर है। ये घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि शुजात बुखारी को उन लोगों में गिना जाता था जो घाटी में शांति के लिए लगातार काम कर रहे थे। सरकार ने कहा कि वो प्रेस की आजादी के लिए प्रतिबद्ध है ।

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, ने ट्विट कर अपनी संवेदनाएं प्रकट की थी।

वहीं, गुरुवार को ही आई वो दुर्भाग्यपूर्ण खबर आई जिसमें राष्ट्रीय राईफल के एक जवान औरंगजेब का आतंकवादियों ने पहले पुलवामा के कालम्पोरा से अपहरण किया और उसके बाद गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। पुंछ के रहने वाले औरंगजेब के पैतृक गांव सलानी में अजीब सा सन्नाटा पसरा रहा। श्रीनगर में सेना ने शुक्रवार को औरंगजेब को श्रद्धांजलि दी गयी तो सबकी आंखे नम हो गयी ।

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मामले पर अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि एक सम्मानीय संपादक शुताज बुखारी और एक जवान की हत्या एक बेहद ही निंदनीय कदम है। मेरी संवेदनाएं शोकसंतप्त परिवारों के साथ हैं।
इस बीच शुक्रवार को श्रीनगर के काक सराय क्षेत्र में वाहनों की जांच कर रहे सुरक्षा बलों के एक दल पर आतंकवादियों ने  गोलीबारी की। इस हमले में दो पुलिसकर्मी सहित पांच लोग घायल हो गए।इधर केंद्र सरकार ने कहा है कि   कश्मीर में रमज़ान के दौरान सैन्य बलों की कार्यवाही की रोक की पहल का काफी अच्छा परिणाम देने वाला रहा है।

उन्होंने ये भी कहा कि इसे आगे बढाने पर सरकार विचार विमर्श के बाद फैसला लेगी । ऐसा लगता है कि लगातार पीछे हटने को मजबूर आतंकी अब न सिर्फ आम कश्मीरियों को निशाना बना रहे हैं बल्कि शांति की पहल को आवाज़ देने वालों पर भी हमले कर रहे हैं ।