जम्‍मू-कश्‍मीर में अलगाववादी मसर्रत आलम की गिरफ्तारी और त्राल में दो युवकों की मौत के विरोध में हिंसक झड़पें।

जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार ने अलगाववादी मसर्रत आलम को गिरफ्तार कर और हुर्रियत कॉफ्रेंस के नेता सैय्यद अली शाह गिलानी को नजरबंद कर अलगाववादियों के त्राल मार्च को विफल कर दिया है। लेकिन त्राल और श्रीनगर के इलाकों में जुमे की नमाज के बाद हिंसक प्रदर्शन की खबरें मिली हैं। इन प्रदर्शनों में 21 पुलिसकर्मी और 3 नागरिक घायल हुए हैं। शहर के नौहट्टा इलाके में अनेक प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारे लगाए और बाद में पुलिस के साथ भिड गए। पुलिस ने भीड को तितर – बितर करने के लिए आसु गैस के गोले दागे, जिसके कारण अफरा तफरी मच गई। राज्‍य सरकार ने कथित फर्जी मुठभेड में युवाओं की मौत के मातम के लिए त्राल में सभा के लिए अनुमति देने से इंकार कर दिया था।

जम्‍मू-कश्‍मीर में इसी हफ्ते त्राल में हुई मौतों के विरोध में मुख्‍यमंत्री मुफ्ती मोहम्‍मद सईद ने पुलिस को रैली की अनुमति नहीं देने के आदेश दिए थे। हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक ने त्राल की घटनाओं के खिलाफ श्रीनगर में एक जुलूस निकाला और कहा कि यह दुर्भाग्‍यपूर्ण है कि सरकार ने इस मुद्दे पर कोई स्‍पष्‍ट बयान नहीं जारी किया है। इस बीच, कट्टरपंथी अलगाववादी नेता मसर्रत आलम भट को बडगाम पुलिस थाने भेज दिया गया है। उसे बुधवार को  श्रीनगर में पाकिस्‍तानी झंडा लहराने के आरोप में राज्‍य पुलिस ने आज ही गिरफ्तार किया था।