जलियांवाला बागः ‘शर्म’, पर नहीं मांगी माफी

अमृतसर।। भारत दौरे पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने बुधवार को अमृतसर में जलियांवाला बाग शहीद स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और घटना को शर्मनाक तो बताया, लेकिन इसके लिए ब्रिटेन की तरफ से माफी नहीं मांगी। इस तरह के जघन्य नरसंहारों के लिए विदेशी सरकारें माफी मांगती रही हैं, जबकि ब्रिटेन की ओर से अभी तक किसी ने इस नरसंहार के लिए माफी नहीं मांगी है। अमेरिका भी जापान से नाकासाकी और हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराने के लिए माफी मांग चुका है। कैमरन के जलियांवाला बाग नरसंहार को शर्मनाक बताने को भी ब्रिटेन के घरेलू कारणों से जोड़कर ज्यादा देखा जा रहा है।

क्या लिखा विजिटर बुक में: कैमरन ने विजिटर बुक में लिखा, ‘ब्रिटिश इतिहास में यह शर्मनाक घटना थी। उस समय विंस्टन चर्चिल ने भी इसे राक्षसी कहा था, जो कि सही था। यहां जो हुआ उसे हमें नहीं भूलना चाहिए।’ गौरतलब है कि यह पहली बार है जब किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने जलियांवाल बाग स्मारक का दौरा किया है।

स्वर्ण मंदिर में टेका मत्थाः कैमरन ने इससे पहले स्वर्ण मंदिर में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर मत्था टेका। गहरे रंग का सूट और टाई पहने कैमरन ने सिर को नीले कपड़े से ढक रखा था। उन्हें हरमिंदर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में सरोपा भेंट किया गया। गुरुवाणी के बीच कैमरन ने कुछेक श्रद्धालुओं से बातचीत भी की। मंदिर के भीतर कैमरन के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ तथा अन्य लोग थे।