जीत की भूख तजुर्बे से ज्यादा जरूरी : विराट कोहली

tatpar 23 july 2013

हरारे: सितारा खिलाड़ियों के बिना यहां पहुंची भारतीय क्रिकेट टीम बुधवार से शुरू हो रही पांच एक दिवसीय क्रिकेट मैचों की शृंखला में जिम्बाब्वे को हल्के में लेने की गलती कतई नहीं करेगी और उसका इरादा दो साल पहले मिली हार का बदला चुकता करने का भी होगा।

नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की गैर-मौजूदगी में कप्तानी संभाल रहे विराट कोहली ने कहा है कि हमारा पूरा ध्यान जीत के अपने दौर को जारी रखने पर है। कोहली के मुताबिक, उन्हें नहीं लगता कि तजुर्बा बहुत ज्यादा जरूरी चीज है, खासतौर से लिमिटेड ओवरों के खेल में। उन्होंने कहा कि आपको सिर्फ ऐसे 11 खिलाड़ी चाहिए जिनमें जीत की भूख हो, मेहनती हों और जिनका लक्ष्य सिर्फ टीम की जीत हो। हमारे सभी 15 खिलाड़ी मजबूत हैं और यह एक मजबूत टीम है।

पिछली बार भारत की एक और सिताराहीन टीम त्रिकोणीय शृंखला में जिम्बाब्वे से दोनों मैच हार गई थी। उस समय कप्तान सुरेश रैना थे और तीसरी टीम श्रीलंका की थी।

इस बार विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम पिछली गलती से सबक लेकर खेलेगी। महेंद्र सिंह धोनी को आराम दिए जाने के कारण कोहली को टीम की कमान सौंपी गई है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जिम्बाब्वे बड़ा नाम भले ही न हो, लेकिन उसके पास अच्छे खिलाड़ी हैं। भारतीय टीम में स्पिनर आर अश्विन, तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव नहीं हैं।

जिम्बाब्वे के कोच एंडी वालेर ने कहा, हमने काफी तैयारी की है और उम्मीद है कि एक मैच में तो उन्हें जरूर हरा सकेंगे। उन्होंने कहा, आपको यथार्थवादी होना पड़ेगा, लेकिन जब तब हम प्रतिस्पर्धी खेल सकते हैं, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। हमारे खिलाड़ी इस शृंखला को लेकर काफी बेकरार हैं। यह उनके लिए अच्छा अनुभव होगा।