जुलाई से मोबाइल पर रोमिंग फ्री, पर आपके हर कॉल पर नजर रखने की तैयारी में है सरकार

tatpar 17 june 2013
नई दिल्ली.  बारिश से कई जगह आई आफत (सबसे ज्‍यादा उत्‍तराखंड में) के बीच मोबाइल यूजर्स के लिए अच्‍छी खबर आ रही है। ट्राई ने अगले महीने से मोबाइल सेवा को रोमिंग फ्री करने का रास्‍ता साफ कर दिया है। ट्राई ने कहा है कि वह उपभोक्‍ताओं को देशभर में रोमिंग फ्री मोबाइल सेवा मुहैया कराने की इजाजत दे सकता है। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें माननी होंगी। ट्राई का कहना है कि एक फि‍क्‍सड फीस जमा करने के बाद यह सुविधा शुरू की जा सकती है। ट्राई के इस फैसले से उन मोबाइल ऑपरेटरों को राहत मिली है जिन्‍होंने मोबाइल सेवा को पूरी तरह रोमिंग फ्री किए जाने का विरोध किया था।
हालांकि कुछ बुरी खबरें भी सामने आई हैं। केंद्रीय कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र नहीं बढ़ने के बाद खबर आई है कि सरकार देश के हर मोबाइल यूजर की हर कॉल की जानकारी अपने पास रखने जा रही है।
देखे तबाही की विडियो
भारत में मोबाइल फोन यूजर्स पर पूरी निगरानी के लिए सरकार ने सभी टेलीकॉम सर्विस देने वाली कंपनियों को नए निर्देश जारी किए हैं। अब कंपनियों को मोबाइल से कॉल करने वाले इंसान की लोकेशन भी सरकार को उपलब्ध करानी होंगी। वैसे अब तक किसी के फोन करने के समय की लोकेशन सीडीआर (कॉल डाटा रिकॉर्ड) का हिस्सा नहीं होती थी। लेकिन अब सभी लोगों के कॉल की जानकारी सरकार को रहेगी। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (डीओटी) ने कहा है कि सभी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को 2014 की छमाही के बाद तक सभी उपभोक्ताओं के आंकड़े उपलब्ध कराने होंगे।
सरकार को दी जाने वाली इस जानकारी में जिस-जिसको आप कॉल करेंगे उनके मोबाइल नंबर, बातचीत का समय और कॉल के दौरान जिस मोबाइल टावर का इस्तेमाल हुआ, इसकी जानकारी रहेगी। इसका मतलब आपने किस समय किसे कहां से कॉल की यह जानकारी गोपनीय नहीं रह जाएगी और आपकी सीडीआर में रहेगी। यह निर्देश टेलीकॉम सर्विस देने वाले सभी कंपनियों को दे दिए गए हैं। टेलीकॉम कंपनियां अब तक यह जानकारी खास मामलों में जांच एजेंसियों और पुलिस को देती थी और पुलिस इसका इस्तेमाल अपराधियों को पकड़ने के लिए किया करती थी। जांच एजेंसियां अक्सर मोबाइल फोन टैपिंग भी करती हैं। लेकिन देश के हर मोबाइल धारक उपभोक्ता की लोकेशन की जानकारी लेने का काम अप्रत्याशित है। के बीच केंद्र सरकार ने भी कर्मचारियों के लिए एक बुरी खबर सुनाई है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा बढ़ाने से इन्कार कर दिया है। हालांकि, सरकार वैज्ञानिकों की सेवानिवृत्ति की उम्रसीमा बढ़ाने पर जरूर विचार कर रही है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से ऐसा प्रस्‍ताव भेजा गया था कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी जाए। लेकिन अब कार्मिक मंत्रालय ने साफ किया है कि ऐसी कोई योजना नहीं है। यह खबर करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए निराश करने वाली है।
ई-रिटर्न के लिए कागजी झंझट से छुटकारा 
ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न (ई-रिटर्न) दाखिल करने वालों को जल्द ही कागजी झंझट से छुटकारा मिल सकता है। सीबीडीटी रिटर्न में दिए ब्योरे की प्रमाणिकता जांचने के लिए दस्तावेजों की हार्ड कॉपी इनकम टैक्स विभाग को भेजने की अनिवार्यता खत्म करने की योजना बना रहा है। इसकी जगह इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन को चालू वित्त वर्ष से ही लागू करने की तैयारी हो रही है। इसका ब्लूप्रिंट तैयार हो चुका है। फिलहाल ई-रिटर्न भरने के बावजूद करदाताओं को आइटीआर-5 की मूल कॉपी इनकम टैक्स विभाग को डाक के जरिये भेजना जरूरी है। अभी उन्हीं करदाताओं को इससे छूट है जिनके पास डिजिटल सिग्नेचर हैं। इसके लिए फीस चुकानी पड़ती है और समय-समय पर इसका नवीनीकरण कराना होता है। करदाताओं की ओर से विभाग को इस बारे में काफी शिकायतें मिली हैं। ई-रिटर्न दाखिल करने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ही नियम आसान बनाया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष से पांच लाख रुपये से ज्यादा आमदनी वालों के लिए ई-रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य कर दिया गया है।