जेटली बोले- 2022 तक किसानों की आमदनी डबल करने का टारगेट

नई दिल्ली. अरुण जेटली सोमवार को लोकसभा में आम बजट पेश कर रहे हैं। इससे पहले विपक्ष ने हंगामा किया जिस पर वैंकेया नायडू ने सख्त एतराज जताया। बजट शुरू करते हुए जेटली ने शायरी पढ़ी।
गांवों के लिए?
 – डेयरी उद्योग के लिए हम चार नई योजनाएं ला रहे हैं। इससे रोजगार और उत्पादन बढ़ेगा।
– खेती के लिए कुल कर्ज 9 लाख करोड़ रुपए होगा।
– मनरेगा के लिए 38 हजार 500 करोड़ रुपए अलॉट किए गए हैं। जो अब तक का सबसे बड़ा फंड है।
– 2.87 लाख करोड़ रुपए ग्रामीण पंचायतों को दिए जाएंगे। उनके अधिकार भी बढ़ाए जाएंगे।
– एक मई 2018 तक देश के हर गांव में बिजली पहुंचा दी जाएगी।
खेती के लिए क्या?
– किसानों की बेहतरी के लिए कुछ नए उपाय करने होंगे।
– कमजोर वर्गों के लिए तीन नई स्कीम्स ला रहे हैं।
– हमारी कोशिश टैक्स के मामलों मे सुधार करना है।
– मनरेगा के तहत हम पांच लाख नए कुए बनाने जा रहे हैं। खासतौर पर सिंचाई के लिए।
– तीन साल में पांच लाख एकड़ में जैविक खेती करने का लक्ष्य है।
– कचरे से खाद बनाने की देश व्यापी स्कीम लाने की योजना है।
– दालों की कीमतें काबू रखने और उत्पादन बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट अलग से रखा जाएगा।
– सिंचाई के लिए 20 हजार करोड़ रुपए अलग से रखे गए हैं। 15 हजार करोड़ किसानों को लोन में सहायता के लिए रखे गए हैं।
– पीएम सड़क योजना 19 हजार करोड़ रुपए अलॉट किए गए हैं।
– मंडी कानून में बदलाव करना चाहते हैं। ताकि किसानों को पूरा फायदा मिल सके।
– गरीबो और किसानों के लिए स्वास्थय बीमा योजना लाएंगे।
– देश में सड़कें बनाने का टारगेट 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा।
किसानों के लिए क्या?
– प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना से किसानों को फायदा हुआ है। पिछले तीन सालों में इसका असर भी नजर आया है।
– ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी सरकार बेहतर सुविधाएं बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
– आधार प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं देने की कोशिश की जा रही हैं।
– बीपीएल फैमिलीज को कुकिंग गैस देने के लिए नई पॉलिसी लाई जा रही है।
– 2016 का बजट 9 अलग-अलग पिलर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
– एग्रीकल्चर पर फोकस रखने की कोशिश की जाएगी।
– 2022 तक हम किसानों की कमाई दोगुनी करने की कोशिश कर रहे हैं । यही हमारा टारगेट है।
आधार के लिए अब कानून
 – आधार कार्ड के लिए नया कानून बनाएंगे। हेल्थ, एजुकेशन पर फोकस करेंगे।
– 35984 किसानों के लिए दिए जाएंगे।
11.08AM:हमें आसमानी और सुल्तानी दोनों ताकतों ने परेशान किया है। गरीब और दलितों के लिए काम किया है। ग्रोथ रेट 6.3 से 7.6 पर लेकर आए हैं। मानसून 13 फीसदी कम रहेगा। फॉरेन रिजर्व 350 बिलियन डॉलर रहेगा।
11.07AM:फाइनेंशियल ईयर 2015-16 में करंट अकाउंट डेफिसिट जीडीपी का 1.4 फीसदी रहने का अनुमान है
11.04AM:दो मिनट बाद ही जेटली ने सुनाई शायरी।
11.02AM:जेटली ने शुरू की बजट स्पीच।
11.00AM:लोकसभा की कार्यवाही शुरू।
10.45AM:सेंसेक्स में 30 और निफ्टी में 10 अंक की गिरावट, बैंकिंग में खरीददारी,एफएमसीजी स्‍टॉक्‍स में बिकवाली।
10.25AM:प्री-बजट कैबिनेट मीटिंग पूरी हुई।
10.15AM:जेटली की पत्नी भी संसद पहुंची।
10.00AM: संसद पहुंचे पीएम। प्री-बजट कैबिनेट मीटिंग शुरू।
– 9 बजे वे प्रेसिडेंट से मिले।
– 2014-15 की बजट स्पीच के दौरान जेटली ने बीच में ही पांच मिनट का ब्रेक लिया था। ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ था, जब बजट पेश करने के दौरान किसी मिनिस्टर ने ब्रेक लिया हो।
– बाद में पता चला था कि डायबिटीज से परेशान जेटली की तबीयत ठीक नहीं थी।
– इसके बाद स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बाकी का बजट जेटली को बैठकर पढ़ने की इजाजत दे दी थी।
– पिछले हफ्ते फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एक स्पेशल पोडियम का ऑर्डर दिया था।
– यह पोडियम जेटली की टेबल के ठीक आगे रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर वह इस पर बजट स्पीच के पेपर रख सकेंगे।
– इस वजह से उन्हें बार-बार झुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पोडियम पर ही उनके सारे कागज होंगे।
लंबी स्पीच देने वाले दूसरे फाइनेंस मिनिस्टर हैं जेटली
 – उम्मीद की जा रही है कि इस बार जेटली अपनी स्पीच वक्त पर खत्म कर देंगे।
– 2015 में उन्होंने सबसे लंबी स्पीच देने वाले फाइनेंस मिनिस्टर्स में दूसरी जगह हासिल की थी। उनकी स्पीच में 16500 शब्द थे।
– उनसे पहले डॉ. मनमोहन सिंह ने 1991 में 18,600 शब्दों में स्पीच दी थी।
– सबसे छोटा 14700 शब्दों का बजट स्पीच 2002 में यशवंत सिन्हा ने एनडीए की सरकार के वक्त दिया था।
– सबसे ज्यादा 10 बार आम बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम है। पी. चिदंबरम ने 9 बार बजट पेश किया है।
वित्त राज्यमंत्री ने कहा- सबकी बात सुनी है
 – जयंत सिन्हा ने कहा,” जनता एग्जाम में नंबर देगी। जैसे-जैसे बजट पेश होगा, नंबर आएंगे।”
– ”हर बजट में हालात अलग होते हैं। कई सारे मुद्दे संभालने पड़ते हैं। इसकी तुलना किसी और बजट से नहीं करूंगा।”
– ”बजट के लिए बहुत तैयारी की। सबकी बातें सुनी हैं। सबकी सलाह ली है। कोशिश रही है कि सबके लिए बेहतर हो।”