जेडीयू की मांग, पीएम पद के लिए एनडीए घोषित करे उम्मीदवार

एनडीए मे बीजेपी के बाद सबसे बड़े सहयोगी जेडीयू के तेवर कड़े होते जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक जेडीयू के नेता बीजेपी से प्रधानमंत्री पद के लिए अपने उम्मीदवार पर रुख साफ करने को कह सकते हैं.

दरअसल इसी महीने की 13 तारीख को जेडीयू राष्ट्रीय परिषद की बैठक दिल्ली में होने वाली है. दो दिन चलने वाली इस बैठक में पार्टी के सभी दिग्गज मौजूद रहेंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान ही बीजेपी से पीएम पद के उम्मीदवार पर रुख साफ करने को कहा जाएगा.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि आगामी 13-14 अप्रैल को दिल्ली में आयोजित जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान देश की राजनीतिक एवं आर्थिक स्थिति पर विचार मंथन किया जाएगा. अगले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में नीतीश ने कहा कि यह बीजेपी का अंदरुनी मसला इसमें दखल देने की जरूरत नहीं है. उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जो राय बनेगी उससे एनडीए के साथ-साथ आप सभी को अवगत कराया जाएगा.

जबसे बीजेपी में मोदी के नाम की चर्चा तेज हुई है तभी से जेडीयू और बीजेपी के बीच थोड़ी दूरी भी आनी शुरू हो गई है. बिहार बीजेपी के कुछ नेता भी लगातार मोदी के गुणगान मे जुटे हुए हैं. जिसका असर दोनों पार्टियों के रिश्ते पर पड़ा है.

एनडीए के पीएम प्रत्याशी को लेकर जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने इशारों में नरेंद्र मोदी की दावेदारी को नामंजूर कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘हम किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं हैं. पर हमारे कुछ सिद्धांत हैं जिनके साथ समझौता नहीं हो सकता है.’

वहीं उनकी ही पार्टी के सांसद महेश्वर हजारी ने कहा कि पीएम उम्मीदवार को लेकर नीतीश कुमार पहले ही अपना रुख साफ कर चुके हैं. बीजेपी किसे अपना उम्मीदवार बनाना चाहती है यह उनका अंदरुनी मामला है. हम समय आने पर फैसला करेंगे.

हालांकि बीजेपी ने भरोसा जताया है कि एनडीए गठबंधन को कोई खतरा नहीं है. बीजेपी नेता कीर्ति आजाद ने कहा कि गठबंधन को कोई खतरा नहीं है. हमारा गठबंधन और भी मजबूत हुआ है. कीर्ति आजाद ने यह भी साफ किया कि पार्टी की संसदीय समिति पीएम प्रत्याशी पर आखिरी फैसला करेगी.

जदयू-बीजेपी के बीच तनाव की खबरें सामने आईं तो विरोधियों को चुटकी लेने का मौका मिल गया. कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि मोदी ऐसी छवि बनाना चाहते हैं जो उनके कर्मों से मेल नहीं खाता. इस देश का कोई भी धर्मनिरपेक्ष शख्सियत और पार्टी मोदी का साथ नहीं देना चाहेंगे.’

कुछ दिन पहले ही बीजेपी के प्रमुख सहयोगी दल जेडीयू ने नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाते हुए कहा था कि वह प्रधानमंत्री बनने के लिए ‘बेताब’ हैं, जबकि गुजरात विकास का उनका मॉडल गैर-समावेशी है. जेडीयू नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि मोदी पहले ही मान चुके हैं कि वे बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं. हालांकि बीजेपी ने कहा था कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला उसका संसदीय बोर्ड करेगा.’

उधर पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखवीर सिंह बादल ने कहा है कि अकाली दल बीजेपी द्वारा घोषित प्रधानमंत्री पद के दावेदार का समर्थन करेगा.