रांची.  झाविमो की केंद्रीय कार्यसमिति की अंतिम बैठक मंगलवार चिरौंदी स्थित आशीर्वाद बैंक्वेट हॉल में होगी। इस बैठक के दौरान भाजपा में झाविमो के विलय का प्रस्ताव आएगा। इसकी संभावना अधिक है कि यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया जाएगा। हालांकि पार्टियों के विलय के लिए दो तिहाई बहुमत ही पर्याप्त है।

साेमवार शाम को पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों की डिबडीह स्थित जेवीएम के प्रधान कार्यालय में बैठक हुई। इसमें पार्टी प्रमुख बाबूलाल मरांडी के अलावा प्रधान महासचिव अभय सिंह, उपाध्यक्ष विनोद शर्मा आदि थे। पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में राजनीतिक प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया। रविवार देर शाम रांची पहुंचे बाबूलाल मरांडी साेमवार को पार्टी कार्यालय पहुंचे। पत्रकारों के सवालों के जवाब में मरांडी ने कहा कि वे अब तक पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ रहे हैं और आगे भी रहेंगे। मंगलवार को भी ऐसा ही होगा।

बाबूलाल ने कहा- केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में कार्यकर्ताओं की भावनाओं को जानने के बाद ही वे कुछ कहेंगे। झाविमो प्रमुख ने कहा है कि पार्टी की नई कार्यसमिति विलय का फैसला लेती है तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं होगा। भाजपा में झाविमो के विलय पर वे पार्टी की राय के साथ खड़े रहेंगे। पार्टी की कार्यसमिति सबसे बड़ी होती है। लिहाजा, उसका फैसला सबके लिए बाध्यकारी होता है।

प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के निष्कासन के बाद विलय की राह आसान
विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के निष्कासन के बाद जेवीएम का भाजपा में विलय की राह आसान हो गई है। ये दोनों नेता विलय के विरोध में थे। नई केंद्रीय कार्यसमिति के सभी लोगों को बैठक में भाग लेने की सूचना दी गई है। इसकी संभावना अधिक है कि नई केंद्रीय कार्यसमिति के अधिकतर नेता विलय के पक्षधर हैं।

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