टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जरूरी; माइंडसेट चेंज करने से ला पाएंगे बदलाव

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च किया। प्रोग्राम में चीफ जस्टिस जीएस खेहर भी शामिल हुए। मोदी ने कहा, “टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जरूरी है। ऐसा न करने वाले आइसोलेशन में चले जाते हैं। असल समस्या माइंडसेट की है। इसे चेंज कर बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।”
आज आधुनिकता की तरफ हमारा एक और कदम…

– मोदी ने कहा, “क्वांटम के रूप में परिणाम कैसा आता है वह अलग बात है लेकिन यह सेंस ऑफ रिस्पॉस्बिलिटी का बल देता है और सामान्य नागरिक के मन में भी विश्वास पैदा होता है। न्यू इंडिया के लिए यह विश्वास जरूरी है। और इसके लिए मैं आपका हृदय से आभारी हूं।”
– “आज 10 मई का एक और महत्व है। 1857 का स्वतंत्रता संग्राम, देश की आजादी के संघर्ष का प्रारंभ आज ही के दिन शुरू हुआ था। आज आधुनिकता की एक ओर कदम वह भी न्याय व्यवस्था की तरफ से हो रहा है।”
– “सरकार का टेक्नोलॉजी के बारे में जो अनुभव है, सरकार या सरकार से जुड़ीं व्यवस्था में हमारा अनुभव टेक्नोलॉजी के मामले में सीमित रहा।”
– “हार्डवेयर को ही हमने अहम मान लिया। माइंडसेट ही प्रॉब्लम है। भगवान बुद्ध कहते थे मन बदले, मंतव्य बदले, तभी बदलाव की शुरुआत होती है।”
– “कितना भी महंगा मोबाइल ले आए लेकिन कॉन्टेक्ट लिस्ट की डायरी रहती है। लोगों को मोबाइल में ग्रीन और रेड बटन से ज्यादा मालूम कुछ नहीं होता है। हम लोगों को एसएमएस करते हैं फिर फोन करते हैं, एसएमएस मिला।”
‘आज जेनरेशन गैप की प्रॉब्लम’
– मोदी ने कहा, “जब तक अखबार हाथ में लेकर नहीं पढ़ते, तब तक संतोष नहीं होता। आज के बच्चे मोबाइल पर अखबार पढ़ लेते हैं।”
– “जो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं करता, वह नई व्यवस्था में आईसोलेट हो जाता है। जेनरेशन गैप की प्रॉब्लम है। इसे कोपअप करना होगा।”
– “मेरे हिसाब से ई-गवर्नेंस को जीवन के हर क्षेत्र में कैसे लाएं? एक ए-4 साइज का कागज बनाने में 10 लीटर पानी लगता है। अगर मैं पेपरलेस की ओर जाने वाला हूं तो मैं कितने जंगल बचाऊंगा, कितनी बिजली बचाऊंगा। कितना एनवायरमेंट बचाऊंगा। लेकिन हम सोचते हैं कि यह मेरा काम नहीं है।”
– “जहां हम काम करते हैं वहां सोचते हैं हमारी कोई गलतियां नहीं होतीं हमारी कोई कमियां नहीं होतीं।”
– “जब मैंने कुछ डिपार्टमेंट में समस्याएं पूछीं तो लोगों ने कहा सब ठीक है। लेकिन गहराई से पता किया तो करीब 400 छोटी प्रॉब्लम पता चलीं, जिन्हें थोड़े से प्रयास से ठीक किया जा सकता था।”
– “मेरी कोशिश है कि आप भी देश के टेक्नोलॉजी के स्टूडेंट्स को ऐसे इश्यु देंगे तो मैं भरोसे के साथ कहता हूं कि वो बहुत बढ़िया सॉल्युशन देंगे।”
– “IT इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी + IT इंडियन टैलेंट = IT इंडिया टुमॉरो। कागज वाली करंसी का वक्त जा रहा है। डिजिटल करंसी को हमारे स्वभाव में लाना होगा। नोट छापना, सुरक्षित रखना और ट्रांसपोर्टेशन में अरबों रुपए का खर्च है।”
‘जितने में हॉलीवुड में फिल्म बनती है, उतने पैसे में मंगल पर पहुंच गए’
– मोदी ने कहा, “हम मंगल पर सबसे कम खर्च में गए। एक किलोमीटर सात रुपए में गए। दुनिया में हॉलीवुड की फिल्म पर जितना खर्च होता है हम उतने में मार्स पर पहुंचे हैं।”
– “आज जस्टिस सिस्टम में खासकर क्राइम में न्याय की संभावना बन गई है। मोबाइल इतने सबूत छोड़कर जाता है। सीसीटीवी कैमरा सबूत देता है। टेक्नोलॉजी और फॉरेंसिक साइंस इसमें अहम साबित हो सकता है।”
– “टेक्नोलॉजी से क्रिकेट में डिसीजन और बेहतर होने लगे। थर्ड अंपायर से फैसला होने लगा लेकिन इससे अंपायर की नौकरी नहीं गई।”
क्या बोले जस्टिस खेहर?
– “मैंने 24 हाईकोर्ट्स और सबॉर्डिनेट्स कोर्ट्स में इंटीग्रेटेड सिस्टम का प्रपोजल दिया था। इससे ट्रांसपेरेंसी आएगी और लोगों को रियल टाइम में अपने केस की स्थिति के बारे में जानकारी मिलने लगेगी।”
– “इससे कोर्ट फीस और प्रोसेस के बारे में भी ऑनलाइन ही पता लग सकेगा। “

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