ट्रम्प के स्टेट ऑफ द यूनियन में शामिल नहीं होंगी भारतीय-अमेरिकी सांसद, इमिग्रेंट्स की पॉलिसी के खिलाफ प्रोटेस्ट

वॉशिंगटन. भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल (52) डोनाल्ड ट्रम्प के स्टेट ऑफ द यूनियन एड्रेस में शरीक नहीं होंगी। प्रमिला ने इसकी वजह ट्रम्प की इमिग्रेंट्स को लेकर पॉलिसीज को जिम्मेदार बताया है। 30 जनवरी को ट्रम्प का स्टेट ऑफ द यूनियन एड्रेस फंक्शन है।

प्रमिला के साथ कई डेमोक्रेटिक सांसद भी शामिल होंगे

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक प्रमिला के साथ कई डेमोक्रेटिक सांसद भी ट्रम्प की स्पीच में शामिल नहीं होंगे। इसमें दिग्गज रिपब्लिकन सांसद जॉन लेविस भी मौजूद रहेंगे।
– प्रमिला ने कहा, “मैं इस बार स्टेट ऑफ द यूनियन में शामिल नहीं हो रही हूं। लेविस भी मेरे साथ हैं।”
– प्रमिला ये भी कहती है, “मेरा मानना है कि हमारे प्रेसिडेंट अपने पद का इस्तेमाल रेसिज्म (नस्लवाद), सेक्सिज्म और नफरत फैलाने के लिए कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने हैती और अफ्रीकी लोगों के लिए भद्दे शब्द कहे।”

– “ट्रम्प की संकीर्ण और खुद को प्रमोट करने की वाली मानसिकता से मैं इत्तेफाक नहीं रखती।”

प्रेसिडेंट का देश को एक रखने में कोई इंटरेस्ट नहीं

– जयपाल ने कहा कि ट्रम्प का देश को एक बनाए रखने में कोई इंटरेस्ट नहीं है। वे वोटरों के छोटे समूह को लुभाने के लिए ओछे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।
– “उनका (ट्रम्प का) रास्ता खतरनाक है। उनके रास्ते पर चलकर देश को नुकसान उठाना पड़ेगा। हम उनकी सोच को बदल नहीं सकते। लिहाजा हमने विरोध करने का ये अहिंसक तरीका अख्तियार किया है।”
– “देशभर के लोग ट्रम्प से डरे हुए हैं, उनका मनोबल टूट रहा है।”
– “एक ब्राउन इमिग्रेंट सांसद होने के नाते मुझे लगता है कि मेरी बातों का व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों तरीके से असर पड़ेगा।”

अकेली सांसद जो स्टेट ऑफ द यूनियन में हिस्सा नहीं लेंगी

– प्रमिला जयपाल अकेली भारतीय अमेरिकी सांसद हैं जो ट्रम्प के स्टेट ऑफ द यूनियन एड्रेस में हिस्सा नहीं लेंगी।
– अन्य अहम भारतीय अमेरिकी सांसदों में डॉ. एमी बेरा, रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्ति, सीनेटर कमला हैरिस हैं।

क्या है स्टेट ऑफ द यूनियन?

– अमेरिकी संविधान में स्टेट ऑफ द यूनियन स्पीच का जिक्र है। US कॉन्स्टीट्यूशन के आर्टिकल II में सेक्शन 3 है।
– इसके Clause 1 में बताया गया है कि स्टेट ऑफ द यूनियन स्पीच के क्या मायने हैं और ये क्यों जरूरी है।
– इसके मुताबिक, वक्त-वक्त पर प्रेसिडेंट यूएस कांग्रेस को देश के बारे में जरूरी जानकारी देते है। इसके अलावा वो ये भी बताते हैं कि देश की बेहतरी के लिए सरकार क्या फैसले ले रही है। क्या फैसले जरूरी हैं और इनसे क्या हासिल होगा।
– यह भारत के राष्ट्रपति द्वारा संसद में दिए गए अभिभाषण की तरह होता है। जिसमें सरकार के कामकाज की जानकारी और प्राथमिकताओं के बारे में बताया जाता है।

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