डिग्री विवाद से ट्विटर भिड़ंत तक, ये है स्मृति से जुड़ी पांच कॉन्ट्रोवर्सी

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी की कैबिनेट के सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल चेहरों में से एक मानी जाती हैं स्मृति ईरानी हैं। वे एचआरडी मिनिस्टर हैं, 23 मार्च को उनका 40वां बर्थडे था। केंद्र सरकार में मिनिस्टर बनने के साथ ही वे अक्सर विवादों में बनी रहती हैं।
#1. डिग्री विवाद
– स्मृति पर चुनावी एफिडेविट में अपनी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन को लेकर गलत और भ्रामक इंफॉर्मेशन देने का आरोप है।
– ईरानी ने 2004 के लोकसभा चुनाव में दिए एफिडेविट में खुद को डीयू के स्कूल ऑफ कॉरेस्पांडेंस से 1996 बैच का बी.ए. ग्रैजुएट बताया था।
– इसके बाद 2011 में राज्यसभा में नोमिनेशन के लिए दिए गए एफिडेविट में उन्होंने खुद को डीयू के स्कूल ऑफ कॉरसपोंडेंस से बी.कॉम पार्ट-I किया बताया था।
– लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ते हुए दाखिल अपने तीसरे एफिडेविट में ईरानी ने बताया कि डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से बी.कॉम पार्ट-I किया था।
– इस मुद्दे पर स्मृति ईरानी के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
– इसके अलावा अगस्त 2014 में स्मृति ने एक टीवी चैनल के प्रोग्राम में खुद के पास अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी की डिग्री होने का भी दावा किया था।
– हालांकि, बाद में उन्होंने इस मामले में सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने येल के एक सर्टिफिकेट कोर्स में हिस्सा लिया था।