वॉशिंगटन. अमेरिकी संसद के उच्च सदन ‘सीनेट’ में ट्रम्प के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी ने सोमवार को बहस खत्म की। सीनेट में डेमोक्रेट नेता एडम शिफ ने चेतावनी दी कि इतिहास कभी ट्रम्प के साथ दया नहीं दिखाएगा। उन्होंने कहा, “हम सब सच्चाई जानते हैं। अगर सदन में उन्हें बचाने के लिए वोटिंग हुई, तो आप सब अपना नाम इतिहास में उनके साथ ही जुड़ा पाएंगे।” शिफ ने आरोप लगाया कि ट्रम्प ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में बेईमानी करने की कोशिश की और अगर उन्हें सदन ने सजा नहीं दी तो वह यह कोशिशें आगे भी जारी रखेंगे।

ट्रम्प पर आरोप है कि उन्होंने दो डेमोक्रेट्स और राष्ट्रपति पद के प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए यूक्रेन पर दबाव डाला था। निजी और सियासी फायदे के लिए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए 2020 राष्‍ट्रपति चुनाव के लिए अपने पक्ष में यूक्रेन से विदेशी मदद मांगी थी। जांच कमेटी के सदस्यों ने कहा था कि ट्रम्प ने राष्ट्रपति पद की गरिमा को कमजोर किया। उन्होंने अपने पद की शपथ का भी उल्लंघन किया। 

‘ट्रम्प बेईमानी करेंगे, इसकी 100% संभावना’

शिफ ने ट्रम्प के चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा- “ट्रम्प अब तक नहीं बदले हैं, वे कभी नहीं बदलेंगे। एक चरित्रहीन व्यक्ति कभी सही रास्ते पर नहीं रहता। वे पहले भी बेईमानी की कोशिश कर चुके हैं और आगे भी करेंगे। इसकी 100% संभावनाएं हैं। वे तब तक चुनाव में गड़बड़ी की कोशिश करेंगे, जब तक जीत नहीं जाते।”

संसद ट्रम्प के खिलाफ सुनवाई बंद करे, जनता राष्ट्रपति का फैसला खुद करेगी: वकील
दूसरी तरफ व्हाइट हाउस के वकील पैट सिपोलोन ने ट्रम्प का पक्ष रखते हुए कहा कि मौजूदा राष्ट्रपति पर आरोप लगाकर डेमोक्रेट पार्टी इस साल होने वाले चुनाव पर असर डालना चाहते हैं। इसलिए इस सुनवाई को बंद कर के ट्रम्प को बरी करना चाहिए और उनका अगला राष्ट्रपति कौन होगा, इसका फैसला जनता को ही करने देना चाहिए। 

बुधवार को ट्रम्प के खिलाफ दो प्रस्तावों पर वोटिंग होगी
सीनेट में बहस खत्म होने के साथ ही अब बुधवार को ट्रम्प के खिलाफ लाए गए दो प्रस्तावों पर वोटिंग होगी। पहला प्रस्ताव सत्ता के दुरुपयोग का, जबकि दूसरा संसद के काम में अड़चन डालने का है। ट्रम्प को हटाने के लिए डेमोक्रेट पार्टी को दो-तिहाई वोटों की जरूरत होगी। हालांकि, सीनेट में 53 रिपब्लिकन सांसद हैं, जो कि ट्रम्प के साथ ही खड़े हैं। इससे पहले भी रिपब्लिकन सांसदों ने एकजुटता दिखाते हुए ट्रम्प के खिलाफ विपक्ष के नए गवाहों को पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार किया था कर दिया था। रिपब्लिकन पार्टी की बहुमत वाली सीनेट में इस पर हुई वोटिंग में 49 के मुकाबले 51 वोट से प्रस्ताव खारिज हाे गया था। 

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