तीन तलाक बिल पेश, कानून मंत्री बोले- यह लैंगिक समानता और महिलाओं के सम्मान का मामला

नई दिल्ली. कानून मंत्रीरविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में तीन तलाक बिल पेश कर दिया। अब बिल पर 4 घंटे चर्चा होगी। रविशंकर ने कहा, ‘‘यह (तीन तलाक बिल) लैंगिक समानता और महिलाओं के सम्मान का मामला है। तीन तलाक कहकर बेटियों को छोड़ दिया जाता है, इसे सही नहीं कहा जा सकता।’’ भाजपा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सामाजिक कूप्रथा को खत्म करने के लिए हम यह बिल लेकर आए हैं।

यह विधेयक 25 जुलाई को लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है। लोकसभा में बिल के पक्ष में 303 और विरोध में 82 मत पड़े थे। तब कांग्रेस, तृणमूल, सपा और डीएमके समेत अन्य पार्टियों ने बिल का विरोध करते हुए वोटिंग से पहले सदन से वॉकआउट किया था।

16वीं लोकसभा में भी बिल पास हो चुका

इससे पहले 16वीं लोकसभा में भी ट्रिपल तलाक बिल पास हो चुका था, लेकिन तब यह राज्यसभा में अटक गया था। राज्यसभा में एनडीए के पास बहुमत नहीं है। साथ ही सहयोगी दल जदयू ने भी इस बिल का विरोध किया है। यही कारण है कि भाजपा ने सभी सदस्यों को राज्यसभा में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया था।

राज्यसभा का गणित

पार्टीसदस्य संख्या
भाजपा78
कांग्रेस48
अन्नाद्रमुक13
तृणमूल13
सपा12
बीजद07
जदयू06
टीआरएस06
बसपा04
शिवसेना03
अकाली दल03

भाजपा को बीजद, टीआरएस और वाईएसआर से उम्मीद
मोदी सरकार ने इससे पहले बीजू जनता दल, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और वाईएसआर कांग्रेस के समर्थन से पिछले सप्ताह सूचना का अधिकार विधेयक राज्यसभा में पारित कराया था। तीन तलाक बिल को राज्यसभा में पास कराने को लेकर भी भाजपा को इन दलों से समर्थन की फिर से उम्मीद है। इस बिल में तीन तलाक को गैर कानूनी बनाते हुए 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान शामिल है।

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