तेज विकास का मॉडल बना छत्तीसगढ़: जेटली

Tatpar 27/08/2013

राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री अरूण जेटली ने कहा है कि छत्तीसगढ़ ने अपने सुशासन और बेहतर प्रबंधन के जरिए छोटे राज्यों के तेज विकास का एक सफल मॉडल देश के सामने रखा है। श्री जेटली कल देर रात जिला मुख्यालय जांजगीर में विकास यात्रा की विशाल आमसभा को सम्बोधित कर रहे थे। श्री जेटली के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लगभग 267 करोड़ रूपए के 190 निर्माण कार्यो का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें करीब 99 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले इंजीनियरिंग कॉलेज भवन और 19 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले रेलवे ओव्हर ब्रिज का भूमिपूजन भी शामिल है।

विशाल जनसभा को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित करते हुए श्री अरूण जेटली ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छोटे राज्यों की प्रगति की जिस अवधारणा के आधार पर छत्तीसगढ़ का निर्माण किया, उनकी वह अवधारणा साकार हो रही है। इसका श्रेय डॉ. रमन सिंह के कुशल नेतृत्व को, उनकी नीतियों और योजनाओं को तथा प्रदेश की मेहनतकश जनता को दिया जाना चाहिए। रमन सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति का परिचय दिया है। श्री जेटली ने नक्सल हिंसा और आतंक की राष्ट्रीय समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सली भारत के संसदीय लोकतंत्र के ढांचे को खत्म करना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह विकास के मोर्चे पर दृढ़ता से काम कर रहे हैं, वहीं नक्सल समस्या से निपटने के लिए भी उनके नेतृत्व में राज्य सरकार बेहतर काम कर रही है।

श्री जेटली ने कहा कि आज जबकि देश और दुनिया में आर्थिक मंदी का माहौल है, भारत की विकास दर जो लगभग नौ प्रतिशत होनी चाहिए थी, वह घटकर आधी रह गयी है, रूपए की तुलना में डालर की कीमत 65 रूपए हो गयी है और पूरे देश में कीमतें आसमान पर हैं, लेकिन इसके बावजूद दूसरी तरफ नये छत्तीसगढ़ राज्य की रमन सरकार है, जिसने अपने बेहतर प्रबंधन के जरिए प्रदेश की विकास दर को नौ-दस प्रतिशत के बीच कायम रखा है। महंगाई के इस कठिन समय में भी डॉ. रमन सिंह की सरकार राज्य के गरीबों को मात्र एक रूपए और दो रूपए किलो में हर महीने 35 किलो चावल दे रही है। निःशुल्क नमक दे रही  है। श्री जेटली ने कहा कि हमें छत्तीसगढ़ की रमन सरकार पर गर्व है, जिसने अपने राज्य के गरीबों के लिए खाद्य सुरक्षा कानून बनाकर केन्द्र सरकार सहित देश के अन्य राज्यों को भी इस दिशा में सोचने की प्रेरणा दी है। छत्तीसगढ़ के खाद्य सुरक्षा कानून में गरीबों को नियमित सस्ते अनाज की गारंटी दी गयी है, जबकि केन्द्र सरकार के प्रस्तावित कानून में देश के गरीबों के लिए ऐसी कोई कानूनी गारंटी नहीं है। इसी वजह से आज देश के तमाम संगठन इस केन्द्रीय कानून की आलोचना कर रहे हैं।

श्री जेटली ने कहा कि छत्तीसगढ़ के खाद्य सुरक्षा कानून में 90 प्रतिशत आबादी को सस्ते अनाज का कानूनी अधिकार मिला है। गरीबों को 35 किलो अनाज और निःशुल्क दो किलो नमक की गारंटी मिली है जबकि केन्द्र का खाद्य सुरक्षा कानून अगर लागू होगा तो गरीबों के लिए अनाज की मात्रा कम हो जाएगी और कीमत ज्यादा देनी होगी। श्री जेटली ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली सहित इस राज्य का यह खाद्य सुरक्षा कानून पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। रमन सरकार ने राज्य के स्कूली बच्चों के लिए निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों और स्कूली बालिकाओं के लिए निःशुल्क सायकल वितरण की योजना शुरू की है। किसानों को धान का उचित मूल्य देने की बेहतर व्यवस्था की गयी है। बिजली के मामले में भी प्रदेश आत्म निर्भर हो गया है। राज्य के सभी 56 लाख परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया गया है। जनता की सेहत, बच्चों की शिक्षा और गांव, गरीब तथा किसानों की चिन्ता करके यहां जनकल्याण के काम हो रहे हैं। प्रत्येक कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के लिए योजनाएं बनाकर पूरी ईमानदारी के साथ उन्हें उनका फायदा पहंुचा रही है। श्री जेटली ने कहा कि जो सबसे कमजोर और सबसे गरीब हैं, सरकारी खजाना सबसे पहले उनके लिए खोला जाना चाहिए। रमन सरकार ने इसी सिद्धान्त पर अमल किया है और हमें उस पर गर्व है। श्री जेटली ने डॉ. रमन सिंह और उनकी सरकार के सहयोगियों का अभिनंदन करते हुए प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता के लिए उन्हें बधाई दी।

जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों की ओर से श्री अरूण जेटली का स्वागत किया। डॉ. रमन सिंह कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता को क्षेत्रीय असंतुलन और पिछड़ेपन की पीड़ा से मुक्ति दिलाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य का निर्माण किया। हम सबसे पहले उन्हें धन्यवाद देना चाहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह छत्तीसगढ़ जो पिछड़ेपन, पलायन और भूख से मौतों के लिए जाना जाता था, आज इन सब समस्याओं से मुक्त होकर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान के उत्पादन में आत्म निर्भर हो गया है। देश के सात राज्यों को छत्तीसगढ़ अनाज की आपूर्ति करता है। नेशनल ग्रिड में जब बिजली फेल हो जाती है और देश के कई राज्य अंधेरे में डूब जाते हैं, तब छत्तीसगढ़ की बिजली उन्हें रौशन करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ 13 साल की उम्र और विगत दस वर्ष की विकास यात्रा में छत्तीसगढ़ ने विकास की उस मंजिल को पा लिया है, जहां अब वह लेने वाला नहीं देने वाले राज्य के रूप में पहचाना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में विगत पांच वर्षो में जनता की बेहतरी के लिए जो भी कार्य किए हैं, उनका हिसाब देने के लिए विकास यात्रा के माध्यम से वह जनता के दरबार में जा रहे हैं। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक, स्वास्थ्य और नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अमर अग्रवाल, राजस्व मंत्री और जिले के प्रभारी श्री दयालदास बघेल, आवास और पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, संसदीय सचिव श्री ओम प्रकाश राठिया, विधानसभा उपाध्यक्ष श्री नारायण चंदेल, लोकसभा सांसद श्रीमती कमला पाटले तथा विभिन्न निगम मण्डलों के अध्यक्ष, पंचायतों और नगरीय निकायों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

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