त्रिपुरा में शपथग्रहण: बिप्लब बने सीएम; मोदी बोले- इस चुनाव का जिक्र होता रहेगा

अगरतला.बिप्लब देब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बन गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में सीएम पद की शपथ ली। खास बात ये है कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए पूर्व सीएम माणिक सरकार भी मौजूद रहे। उनके अलावा एलके. आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी भी मौजूद हैं। यहां 25 साल तक लेफ्ट फ्रंट की सरकार रही है। शपथ ग्रहण समारोह के बाद पीएम मोदी ने कहा- भारत के इतिहास में कुछ चुनावों का जिक्र आज भी किया जाता है। 2018 का त्रिपुरा विधानसभा चुनाव भी इसी श्रेणी में आता है। लोग इसका जिक्र करते रहेंगे।

कौन हैं त्रिपुरा के नए सीएम बिप्लब देब?

– 48 साल के बिप्लब कुमार देब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हैं। उनका जन्म उदयपुर में हुआ। वे पश्चिम त्रिपुरा की बनमालीपुर सीट विधायक चुने गए।
– त्रिपुरा यूनिवर्सिटी से 1999 में ग्रेजुएट किया। समाजसेवा के काम करते रहे हैं। साफ-सुथरी छवि। कोई भी क्रिमिनल केस दर्ज नहीं है। हलफनामे में अपनी कुल प्रॉपर्टी 5.85 करोड़ बताई।
– संघ से जुड़े रहे हैं। संगठन में रहकर काम किया है। बीजेपी के थिंक टैंक रहे केएन गोविंदाचार्य के साथ काम कर चुके हैं।

बिप्लव को क्यों सौंपी जा रही है जिम्मेदारी?

1) बीजेपी शून्य से 35 सीट पर पहुंची
– बीजेपी पिछले 35 साल से राज्य में चुनाव लड़ रही है। लेकिन कभी भी अपना जनाधार नहीं बना पाई।
– पार्टी 2013 के चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। अब उसे 35 सीट मिली हैं।

2) अपनी बात जनता तक पहुंचाने में कामयाब रहे
– बिप्लब ने त्रिपुरा में जमीनी स्तर पर काम किया। चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि राज्य में लेफ्ट की सरकार 25 सालों से जनता का बेवकूफ बना रही है। यहां भरपूर नेचुरल रिसोर्स होने के बावजूद यह देश का सबसे गरीब राज्य है। उन्होंने वादा किया था कि बीजेपी अगर सत्ता में आई तो इसे मॉडल स्टेट बनाया जाएगा। बिप्लब अपनी यह बात जनता तक पहुंचाने में कामयाब रहे।
– उनकी अगुआई में कई लेफ्ट समर्थक बीजेपी में आए। फरवरी के पहले हफ्ते में उन्होंने 1600 से ज्यादा लेफ्ट सपोर्टर्स के बीजेपी में आने का दावा किया था।

कौन हैं जिष्णु देव वर्मा?
– जिष्णु राज्य बीजेपी के जनजाति मोर्चा के संयोजक हैं। हालांकि, वे अभी विधायक नहीं चुने गए हैं। उन्होंने चारिलाम सीट से पर्चा भरा था, लेकिन यहां लेफ्ट कैंडिडेट की मौत के बाद चुनाव रद्द कर दिए गए थे। इस सीट पर 15 मार्च को चुनाव होगा।