दिलों को जोड़ेगा छत्तीसगढ़ का सबसे लम्बा पुल: डॉ. रमन सिंह

Tatpar 31 Aug 2013

मुख्यमंत्री ने किया राज्य की सीमा पर महानदी  में लगभग दो किलोमीटर लम्बे सेतु का लोकार्पण सरिया क्षेत्र की नयी पीढ़ी को मिली कॉलेज की सौगात

रायपुर,  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में चल रही प्रदेश व्यापी विकास यात्रा में कल शाम उस समय एक यादगार और ऐतिहासिक कड़ी जुड़ गयी जब उन्होंने रायगढ़ जिले में ओड़िशा की सीमा पर महानदी में छत्तीसगढ़ के सबसे लम्बे पुल का लोकार्पण किया। यह एक हजार 830 मीटर यानी लगभग दो किलोमीटर लम्बा पुल 56 करोड़ 48 लाख रूपए की लागत से रायगढ़-पुसौर-सरिया (नदीगांव) मार्ग पर सूरजगढ़ में बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर नदीगांव (सरिया) में विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि पुल-पुलिया केवल सड़कों को नहीं, केवल गांवों और शहरों को नहीं, केवल राज्यों को नहीं बल्कि लाखों लोगों के दिन-प्रतिदिन के रिश्तों को और उनके दिलों को भी जोड़ते हैं। यह पुल भी नदी के दोनों तरफ के लोगों के दिलों को जोड़ेगा। छत्तीसगढ़ और ओड़िशा के सामाजिक-सांस्कृतिक रिश्ते और मजबूत होंगे। डॉ. रमन सिंह ने इस मौके पर सरिया में नयी पीढ़ी के लिए कॉलेज खोलने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विशाल सेतु प्रदेशवासियों के सहयोग से विगत दस वर्षो से जारी छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का एक यादगार प्रतीक बन गया है। विकास पवित्र गंगा और पवित्र महानदी की निरन्तर बहती धाराओं के समान है, जो भी इस धारा को रोकने का प्रयास करेगा वह उसमें विलुप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आज महानदी की लहरें भी उत्साह के साथ कह रही हैं कि छत्तीसगढ़ का विकास इन लहरों की तरह हमेशा जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि सूरजगढ़ का यह पुल रायगढ़ जिले में छत्तीसगढ़ और ओड़िशा राज्यों को भी आपस में जोड़ेगा। इस पुल का भूमिपूजन और शिलान्यास भी पांच साल पहले 13 अगस्त 2008 को डॉ. रमन सिंह के हाथों सम्पन्न हुआ था। आज उन्हीं के हाथों महानदी के किनारे ग्राम नदीगांव (सरिया) में हुए इसके लोकार्पण समारोह में लगभग 50 से 60 हजार लोगों के विशाल जनसैलाब का उत्साह देखते ही बन रहा था। विशाल डोम के भीतर हजारों लोग और बाहर भी भारी संख्या में लोग मौजूद थे। लोकार्पित पुल के दोनों ओर नदीगांव से लेकर रायगढ़ तक सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में लोग मुख्यमंत्री को धन्यवाद देने और उनका अभिनंदन करने के लिए बेताब नजर आ रहे थे। नदीगांव की जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल नये छत्तीसगढ़ राज्य की तेज गति से जारी विकास यात्रा में मील का एक यादगार पत्थर बनकर हमेशा के लिए हम सबके दिलों में स्थापित हो गया है। उन्होंने कहा कि यह पुल इस क्षेत्र की जनता का वर्षो पुराना सपना था। राज्य सरकार ने उनके इस सपने को साकार किया है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि अटल जी ने नये छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। उनके आशीर्वाद से और प्रदेशवासियों के सहयोग से छत्तीसगढ़ विकास के हर क्षेत्र में नये उत्साह, नई उमंग और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। यह विशाल सेतु भी छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महानदी के इस नये पुल के लोकार्पण समारोह ने हमारी विकास यात्रा को यादगार बना दिया है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश की दो करोड़ 55 लाख जनता अपने राज्य की तरक्की के लिए अपनी सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। डॉ. रमन सिंह ने राज्य सरकार द्वारा गांव, गरीब और किसानों की बेहतरी के लिए संचालित योजनाओं और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा कानून की विशेषताओं का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने 56 करोड़ 48 लाख रूपए के इस पुल के साथ-साथ नदीगांव (सरिया) की आम सभा में लगभग 71 करोड़ रूपए के 55 निर्माण कार्यो का भूमिपूजन, शिलान्यास और लोकार्पण किया। समारोह में लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, स्वास्थ्य और नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अमर अग्रवाल, आवास और पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, लोकसभा सांसद श्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री गिरधर गुप्ता, विभिन्न निगम मण्डलों के पदाधिकारी और जिले के अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। महानदी पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निर्मित इस पुल से जहां जिला मुख्यालय रायगढ़ से विकासखण्ड मुख्यालय बरमकेला की दूरी लगभग 28 किलोमीटर कम हो जाएगी, वहीं छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्य ओड़िशा के अनेक सीमावर्ती गांवों के बीच का फासला भी काफी कम हो जाएगा। दोनों राज्यों की जनता को एक-दूसरे के यहां आने-जाने के लिए बारहमासी यातायात की सुविधा मिलेगी। दोनों राज्यों के बीच व्यापार व्यवसाय भी बढ़ेगा। किसानों को अपनी फसल बाजारों तक लाने ले जाने में भी आसानी होगी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालय रायगढ़ से बरमकेला जाना हो तो चन्द्रपुर के रास्ते लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन अब यह दूरी लगभग 22 किलोमीटर रह जाएगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 56 करोड़ रूपए की लागत से इसका निर्माण किया गया है। इस पुल की लम्बाई एक हजार 830 मीटर यानी लगभग दो किलोमीटर के आस-पास है। पुल की चौड़ाई 8.4 मीटर यानी लगभग साढ़े मीटर के आस-पास है। इसमें 45.75 मीटर के 40 स्पान बनाए गए हैं। यह पुल रायगढ़ जिले के बरमकेला, पुसौर तथा रायगढ़ विकासखण्डों की 50 हजार से अधिक आबादी को सुगम यातायात की सुविधा मुहैया कराएगा।