दिल्ली टेस्ट : ऑस्ट्रेलिया को भारत ने दिए शुरुआती झटके

नई दिल्ली: ‘लोकल ब्वाय’ इशांत शर्मा की उम्दा गेंदबाजी की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर जारी चौथे टेस्ट मैच में पहले दिन शुक्रवार को भोजनकाल तक आस्ट्रेलियाई टीम की पहली पारी में 94 रनों पर दो विकेट झटक लिए हैं। खेल के लिहाज से पहला सत्र बराबरी का रहा। भोजनकाल तक कोवान (27) और शेन वॉटसन (16) नाबाद लौटे। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कर रही मेहमान टीम के लिए पारी की शुरुआत करने उतरे कोवान ने 83 गेंदों पर पांच चौके लगाए हैं जबकि माइकल क्लार्क के स्थान पर टीम की कमान सम्भाल रहे वॉटसन 22 गेदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए हैं। आस्ट्रेलिया ने 28 ओवर बल्लेबाजी की है।

आस्ट्रेलिया ने डेविड वार्नर (0) और फिलिप ह्यूज (45) के विकेट गंवाए हैं। दोनों को इशांत ने आउट किया। वार्नर को तो इशांत ने अपने पहले ओवर की चौथी गेंद पर चलता किया। वार्नर चार गेंदों का ही सामना कर सके। मुश्किल पिच पर इशांत ने भारत को दो सफलता दिलाई क्योंकि स्थानीय खिलाड़ी होने के नाते वह इस पिच को अच्छी तरह पहचानते हैं।

आस्ट्रेलिया का यह विकेट चार रन के कुल योग पर गिरा लेकिन इसके बाद कोवान और ह्यूज ने दूसरे विकेट के लिए उम्दा बल्लेबाजी करते हुए 19.2 ओवरों में 67 रन जोड़े। ह्यूज ने 59 गेंदों पर 10 चौके लगाए लेकिन 71 रन के कुल योग पर इशांत ने उन्हें बोल्ड कर दिया।

इसके बाद पारी के 26वें ओवर की पहली गेंद पर ओझा ने वॉटसन को अपनी फिरकी में उलझाया और धोनी ने शानदार स्टम्प किया। जोरदार अपील के बावजूद अम्पायर ने वॉटसन को आउट नहीं दिया लेकिन मामले को तीसरे अम्पायर के हवाले कर दिया। तीसरे अम्पयार ने काफी समय लेते हुए आखिरकार वॉटसन को नॉटआउट करार दिया।

यह मैच वॉटसन के लिए खास है क्योंकि वह निलम्बन के बाद टीम की कमान सम्भाल रहे हैं। वॉटसन आस्ट्रेलिया के 44वें टेस्ट कप्तान हैं। वॉटसन निलम्बन के कारण मोहाली टेस्ट में नहीं खेल सके थे। क्लार्क अपने करियर में पहली बार चोट के कारण किसी टेस्ट से बाहर हुए हैं।

भारत के लिए अजिंक्य रहाणे इस मैच के माध्यम से अपने टेस्ट करियर का आगाज कर रहे हैं। वह शिखर धवन के स्थान पर मुरली विजय के साथ पारी की शुरुआत करेंगे।

भारतीय टीम चार मैचों की इस श्रृंखला 3-0 से अपने नाम कर चुकी है। उसने चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच आठ विकेट से जीता था जबकि हैदराबाद में उसने मेहमान टीम पर एक पारी और 135 रनों से जीत हासिल की थी।

मोहाली के पंजाब क्रिकेट संघ मैदान पर खेले गए तीसरे मुकाबले में भारत ने छह विकेट से जीत हासिल करते हुए यह श्रृंखला अपने नाम कर ली थी। अब उसका लक्ष्य मेहमान टीम का सूपड़ा साफ करने का है।

भारतीय टीम 4-0 से यह श्रृंखला जीतते हुए एक इतिहास कायम करना चाहेगी। उसने अपने 81 साल के टेस्ट इतिहास में अब तक एक बार भी इस अंतर से कोई श्रृंखला नहीं जीती है।

दूसरी ओर, श्रृंखला गंवाने के बाद अब आस्ट्रेलियाई टीम यह मैच जीतकर इंग्लैंड के साथ होने वाली एशेज श्रृंखला के लिए जरूरी आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगी। हो सकता है कि वॉटसन की कप्तानी में मेहमान टीम कुछ अलग परिणाम दे सके। (एजेंसी)

कोटला में दोनों टीमों के बीच यह सातवां मैच है। भारत ने दो मुकाबले जीते हैं जबकि तीन मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। आस्ट्रेलिया को इस मैदान पर अंतिम बार जीत 1959 में मिली थी, जब उसने भारत को एक पारी और 127 रनों से हराया था। भारतीय टीम बीते 26 साल से कोटला में अजेय है।