दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मोदी खुली जीप में करेंगे रोड शो, देश के पहले स्मार्ट हाईवे का उद्घाटन कल

नई दिल्ली.नरेंद्र मोदी सोमवार को यूपी के बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उद्धाटन करेंगे। प्रधानमंत्री दिल्ली से मेरठ हाईवे पर खुली जीप में 6 किलोमीटर लंबा रोड शो भी करेंगे। यह 96 किमी लंबा देश का पहला स्मार्ट और ग्रीन हाईवे है, इसे बनाने में 841 करोड़ लागत आई। वहीं, हरियाणा के सोनीपत के कुंडली से पलवल के बीच बना ईपीई 11 हजार करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। इसकी लंबाई 135 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्ट के उद्घाटन में देरी पर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे अथॉरिटी को फटकार लगाते हुए कहा था कि अगर पीएम के पास समय नहीं है तो इसे 1 जून से चालू कर दिया जाए।

निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होगा मोदी का रोड शो

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो दिल्ली के निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू होगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर खुली जीप में 6 किलोमीटर चलने के बाद मोदी एक प्रदर्शनी और एक्सप्रेसवे के 3डी मॉडल का उद्घाटन करेंगे।

– इसके बाद मोदी हेलिकॉप्टर से बागपत रवाना होंगे और यहां दोनों सड़क परियोजना को देश को समर्पित करेंगे।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे मेंक्या खास?

– गडकरी ने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को 841 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। यह सोलर पावर से लैस देश का पहला हाईवे है। 8 सोलर प्लांट बनाए गए हैं, जिनमें 4 हजार किलो वॉट बिजली पैदा होगी। हर 500 मीटर पर दोनों तरफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने हैं।

– यमुना ब्रिज पर दोनों ओर सोलर सिस्टम लगे हैं। यह देश का पहला ब्रिज होगा, जिस पर वर्टिकल गार्डन, सोलर पावर सिस्टम और ड्रिप सिंचाई के इंतजाम होंगे। इस एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 2.5 मीटर चौड़ा साइकिल और पैदल यात्रियों के लिए 1.5 मीटर चौड़ा ट्रैक बनाया गया है।

– अब सिर्फ 45 मिनट में दिल्ली से मेरठ पहुंचा जा सकेगा। अभी 96 किमी दूरी तय करने में करीब 3 घंटे तक लग जाते हैं। इस पर दिल्ली के निजामुद्दीन ब्रिज से यूपी बॉर्डर (गाजियाबाद) तक 6 लेन बनी हैं। इनमें से 4-4 लेन हाईवे की हैं। हाईवे का काम रिकॉर्ड 17 महीने (करीब 500 दिन) में पूरा हुआ है।

सोनीपत से पलवल के बीच बना है ईपीई

– ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे सोनीपत के कुंडली से पलवल और गाजियाबाद तक जाता है। इसके शुरू होने के बाद हरियाणा और यूपी के बीच चलने वाले वाहन दिल्ली में नहीं घुसेंगे।

– लंबाई:135 किलोमीटर

– लागत:11 हजार करोड़

उद्घाटन में देरी पर सुप्रीम ने लगाई थी फटकार

– 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने ईपीई के उद्घाटन में देरी पर फटकार लगाते हुए कहा कि 31 मई तक प्रधानमंत्री उद्घाटन करें या न करें, 1 जून से हर हाल में एक्सप्रेस-वे को जनता के लिए खोल दिया जाए। दिल्ली-एनसीआर पहले से ही ट्रैफिक का भारी दबाव झेल रहा है।
– हालांकि, कोर्ट के सख्त रुख के बाद नितिन गडकरी ने सफाई देते हुए कहा था कि एक्सप्रेस-वे नहीं खुलने का प्रधानमंत्री से कोई लेना-देना नहीं। काम पूरा नहीं होने के चलते यह देरी हुई।

2006 में शुरू हुई थी एक्सप्रेसवे की प्लानिंग

– बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के आसपास ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की प्लानिंग 2006 में ही शुरू हुई थी। दिल्ली को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिल्ली के बाहर रिंग रोड बनाने का आदेश दिया था।

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