दुनिया का सबसे बड़ा पावर प्लांट पोकरण में शुरू, 1 घंटे में बनी 100 मेगावाट बिजली

पोकरण। देश के पहले भूमिगत परमाणु विस्फोट से दुनियाभर में सुर्खियों में छाने वाले पोकरण का नाम एक बार फिर विश्व पटल पर है। जैसलमेर जिले में थार रेगिस्तान में बसे पोकरण के धूड़सर गांव में रिलायंस सोलर पावर प्लांट द्वारा सीएलएफआर सीएसपी का 100 मेगावाट का प्लांट शुरू कर पोकरण का नाम पूरे विश्व के मानचित्र में स्वर्णिम अक्षरों से लिख दिया है।
100 मेगावाट ग्रीन एनर्जी जनरेट की जा रही है …..
 – रिलायंस कंपनी ने केंद्र सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिनेवल एनर्जी (एमएनईआर) के तहत जवाहर लाल नेहरू सोलर मिशन में दुनिया का सबसे बड़ा थर्मल सोलर पावर प्लांट मंगलवार को शुरू किया।
– इसके तहत थर्मल सोलर पावर प्लांट द्वारा 100 मेगावाट ग्रीन एनर्जी जनरेट की जा रही है।
– कंपनी द्वारा जनरेट की गई बिजली को राष्ट्रीय विद्युत व्यापार निगम को बेचा गया। निगम ने इस ग्रीन एनर्जी को खरीदकर राजस्थान के तीन ग्रिडों में सप्लाई करने का कार्य शुरू कर दिया है।
2100 करोड़ से तैयार हुआ है प्लांट

 – रिलायंस सोलर पावर प्रोजेक्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सीनियर वाइस प्रेजिडेंट हेमराज शर्मा ने बताया कि रिलायंस ने धूड़सर में थर्मल प्रोजेक्ट के तहत 100 मेगावाट बिजली उत्पादन कर विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
– अन्य कंपनियों द्वारा कॉम्पेक्ट लिनियर फ्रेशनल रिफलेक्टर (सीएलएफआर), कंसंस्ट्रेट सोलर थर्मल (सीएसपी) के तहत बिजली उत्पादन करना मुश्किल माना जाता था। इसी के तहत कई कंपनियों ने फोटो वॉल्टिक (पीवी) प्लांट लगाया गया।
– रिलायंस ने कुल 2100 करोड़ रुपए खर्च कर दुनिया का सबसे बड़ा थर्मल सोलर पावर प्रोजेक्ट तैयार कर उसे मंगलवार को शुरू कर 100 मेगावाट बिजली अथवा एक लाख यूनिट प्रति घंटा बिजली का उत्पादन करना शुरू किया।
स्थानीय सहायता से तैयार किया प्लांट
 – सीएलएफआर तकनीकी से ग्रीन एनर्जी उत्पादन करने का जिम्मा रिलायंस कंपनी द्वारा इंटरनेशनल कंपनी अरेवा को सौंपा था।
– लेकिन अरेवा कंपनी ने कार्य को पूर्ण करने से पहले ही इस कार्य से अपने हाथ खींच लिए। इस कारण यह कार्य अटक गया था।
– ऐसे में रिलायंस ने विदेशों से मंगवाए कलपुर्जों को स्थानीय ठेकेदारों, इंजीनियरों तथा मजदूरों की सहायता से जोड़कर थर्मल पावर प्रोजेक्ट को तैयार ही नहीं किया बल्कि उसे शुरू भी किया।

 

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