दूसरे राज्यों से बंगाल आने वालों के लिए नए नियम लागू, कई अहम घोषणाएं

कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बंगाल में कोविड-19 चिकित्सा के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले मरीजों का अलग रजिस्टर बनाया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनका मूल पता क्या है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में कोरोना मरीजों की सही संख्या का पता चल सकेगा। राज्य सचिवालय नवान्न में 5 जिलों पूर्व एवं पश्चिम बर्दवान, बांकुड़ा, पुरुलिया तथा वीरभूम जिले के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया।

किसी मरीज को चिकित्सा के लिए इनकार करने की जरूरत नहीं

मुख्यमंत्री ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मरीज को चिकित्सा के लिए इनकार करने की जरूरत नहीं है। केवल उनके रिकॉर्ड को सही तरीके से रखने की जरूरत पर उन्होंने जोर दिया ताकि सही संख्या का पता चल सके कि इनमें से कितने बंगाल के और कितने दूसरे राज्यों के संक्रमित मरीज हैं। मुख्यमंत्री ने दूसरे जिलों से आने वाले मरीजों के लिए भी रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए कहा।

विशेषज्ञों का मानना-सितंबर के आखिर तक होगा कोरोना में सुधार

ममता ने इस दौरान कहा कि 20 से 25 सितंबर तक कोरोना स्थिर हो जायेगा। ऐसा विशेषज्ञों का मानना है। मुख्यमंत्री ने पुलिस थानों में कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस बैरकों में पुलिसकर्मियों की संख्या को कम किया जाये। उनके रहने की व्यवस्था ऐसी की जाये, ताकि जमघट न हो।मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी निर्देश दिया कि कोविड वरियर्स के लिए राज्य सरकार द्वारा बीमे की अवधि को नवंबर तक बढ़ा दिया जाये। बीमे के तहत कोविड वॉरियर्स की मौत की स्थिति में परिजनों को 10 लाख रुपये मिलते हैं। कोविड वॉरियर्स की मौत की स्थिति में उनके परिजन को नौकरी देने की भी पहले ही घोषणा की जा चुकी है।

घोषणा-स्कूलों के खुलने पर विद्यार्थियों के बीच बंटेंगे 3 करोड़ मास्क

ममता ने इस दौरान यह भी घोषणा की कि स्कूलों के खुलने पर विद्यार्थियों के बीच 3 करोड़ मास्क बांटे जायेंगे। इन मास्क को राज्य सरकार तैयार करा रही है। उन्होंने कहा कि मास्क तैयार करा कर भी राज्य में रोजगार का सृजन किया गया है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों पर कोविड काल के दौरान नजर रखने के लिए कोलकाता और विधाननगर के अलावा चंदननगर, सिलीगुड़ी, बैरकपुर और आसनसोल- दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट को निर्देश दिया गया है कि वह आवासों या बहुमंजिली इमारतों की समीक्षा करके ऐसे नागरिकों की सूची बनायें।

मुआवजा से वंचित एम्फन पीड़ितों को 7 दिनों में राशि देने का निर्देश 

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया  कि एम्फन तूफान से पीड़ित उन लोगों को भी मुआवजा दे दिया जाये जिन्हें अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसे करीब 3 फीसदी लोग ही बचे हैं जबकि 97 फीसद लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जो लोग इससे वंचित हैं उन्हें 7 दिनों के भीतर मुआवजा दे दिया जाये। उन्होंने मनरेगा में काम करने वाले उन सभी लोगों का भुगतान करने के लिए भी कहा है जिन्हें अब तक पैसे नहीं मिले हैं। ऐसे 7 फीसदी लोग बचे हैं।