देश के तीन बड़े प्राइवेट बैंकों पर लगा ब्लैक मनी को व्हाइट बनाने का आरोप

देश में मनी लाउंड्रिंग को लेकर कोबरा पोस्ट ने प्राइवेट बैंकों से जुड़े कई सनसनीखेज दावे किए हैं। इन दावों में कहा गया है कि भारत के 3 बड़े प्राइवेट बैंक ब्लैक मनी को व्हाइट मनी के रूप में बदलने का काम कर रहे हैं। ये बैंक इस काम के बदले मोटी रकम वसूलते हैं।
खुलासों में बताया गया है कि देश के कई बड़े बैंक ग्राहकों से नकद लेते हैं और फिर उसे इंश्योरेंस और गोल्ड में निवेश कर देते हैं। आपको बताते चलें कि कोबरा पोस्ट ने देश में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक पर यह आरोप लगाया है। उधर, इस आरोप के बाद आईआईसीआई बैंक की ओर से इस संबंध में जांच के लिए एक कमेटी बनाए जाने की बात कही है।
आरोपों के मुताबिक, यह सभी बैंक अपनी ब्रांचों में ब्लैक मनी को अपनी निवेश योजना में लगाकर उसे व्हाइट मनी बनाते हैं। बाकायदा अकाउंट खोलकर बैंक इस काम को अंजाम देते हैं। आरबीआई के नियमों को ताक पर रखकर यह सभी अकाउंट बिना पैन कार्ड के खोले जाते हैं।
कोबरा पोस्ट का कहना है कि ऑपरेशन रेड स्पाइडर नाम के इस स्टिंग में उन्होंने एक काल्पनिक नेता का एजेंट बनकर इन तीनों बैंकों से बात की। बातचीत में पता चला कि फेमा के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ड्राफ्ट के जरिए ब्लैक मनी को जमा किया जाता है, जबकि आम ग्राहकों से ऐसा करने पर केवाईसी और पैन कार्ड तक मांग लिया जाता है।
स्टिंग में खुलासा किया गया है कि इन तीनों बैंकों का मैनेजमेंट जानबूझ कर सुनियोजित तरीके से इनकम टैक्स ऐक्ट, फेमा, रिजर्व बैंक के मानदंड़ों, केवाईसी के नियमों, बैकिंग एक्ट, प्रिवेंशन ऑफ मनी लाउन्ड्रिंग एक्ट की धज्जियां उड़ा रहे हैं।