दो महीने में केजरीवाल के घर का बिजली बिल आया 91 हजार, RTI में खुलासा

नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी घर का अप्रैल-मई महीने में बिजली बिल 91 हजार रुपए आया है। सीएम का घर दिल्ली के सिविल लाइंस में स्थित है। एक आरटीआई के जवाब में इस बात का खुलासा हुआ है। वकील और आरटीआई एक्टिविस्ट विवेक गर्ग द्वारा मांगी गई आरटीआई के जवाब में दिल्ली सरकार के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने केजरीवाल के घर के बिजली बिल की जानकारी दी है। जवाब के साथ 91 हजार रुपए के बिजली बिल की कॉपी भी भेजी है।
बीजेपी का दावा- एक लाख से ज्यादा है बिल
केजरीवाल के घर के बिजली बिल को लेकर दिल्ली बीजेपी ने आप सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी का दावा है कि केजरीवाल के सरकारी घर का बिजली बिल 91 हजार नहीं, एक लाख रुपए से ज्यादा है। दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण कपूर ने कहा, ”दिल्ली के मुख्यमंत्री के घर का बिजली बिल 91 हजार नहीं, बल्कि 1 लाख रुपए से ज्यादा है। हम चाहते हैं कि आप के सभी मंत्रियों के घरों-दफ्तरों के बिजली बिल को सार्वजनिक किया जाए।” बीजेपी ने दावा किया है कि दिल्ली के सीएम आवास पर बिजली के दो मीटर लगे हैं। एक मीटर से 55 हजार और दूसरे मीटर से 48 हजार (कुल 103000 रु) का बिल आया है। हालांकि, आरटीआई में दो महीने का बिजली बिल 91 हजार बिल होने की जानकारी दी गई है।
सरकार करेगी जांच
मुख्यमंत्री आवास का इतना भारी-भरकम बिल आने के बाद दिल्ली सरकार ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, सरकार इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वाकई इतनी रकम की बिजली खर्च हुई है या फिर किसी गलती के कारण यह बिल चला गया है।
विवेक गर्ग ने बताया भद्दा मजाक
बीजेपी की आरटीआई सेल से जुड़े विवेक गर्ग ने कहा है कि जब केजरीवाल बेंगलुरू से अपना इलाज करा कर लौटे और नए घर में शिफ्ट हुए तो उन्होंने कहा था कि उनके बंगले से सभी एसी हटाए जाएं। वे एसी का इस्तेमाल नही करना चाहते हैं। गर्ग ने कहा कि सच्चाई ये है वे 30 से 32 एसी का इस्तेमाल करते हैं। ये एक भद्दा मजाक है और जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है।
आप ने खारिज किया दावा
केजरीवाल के मीडिया सलाहकार नगेंद्र शर्मा ने कहा है कि यह प्रचारित करना कि ये केजरीवाल के घर का बिल है बिल्कुल झूठ है। जबकि इस बिल में कैंप ऑफिस में लगने वाले जनता दरबार हॉल और घर का बिल शामिल है।