धवन और उनादकट ने दिलाई भारत को जीत

नई दिल्ली। भारत ने दूसरे वनडे में जिंबाब्वे को 58 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ ही टीम 5 मैचों की सीरीज में 2-0 से आगे हो गई। भारत की ओर से बल्लेबाजी में जहां शिखर धवन ने बेहतरीन शतक लगाया, वहीं गेंदबाजी में जयदेव उनादकट इस मैच के हीरो रहे। उनादकट ने 4 विकेट झटके।

टीम इंडिया को दूसरा वन-डे 58 रनों से दिलाने में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट की भूमिका अहम रही। उनादकट के पास मैच के दौरान अपनी हैट्रिक पूरा करने का भी मौका था, बावजूद इसके गेंदबाजी में भारत के हीरो वही रहे। भारत को शुरुआती दो सफलता दिलाई, साथ ही जिंबाब्वे की पारी का अंत भी उन्होंने ही किया।

उनादकट ने 10 ओवर में 41 रन देकर 4 विकेट लिए, इसके अलावा अमित मिश्रा ने भी 2 विकेट लिए। जीत के लिए 295 रनों के लक्ष्य का पीछा मेहमान टीम के लिए हमेशा मुश्किल था। लेकिन एक समय 1 विकेट के नुकसान पर 109 रन बनाने के बाद जिंबाब्वे ने 133 रन पर 6 विकेट गंवा दिए। 21वें ओवर से 31 ओवर के बीच 5 विकेट ने मैच का रुख ही बदल डाला।

इससे पहले टीम इंडिया के गब्बर की एक और दहाड़ लगाई। जिंबाब्वे के खिलाफ शिखर धवन के बल्ले ने फिर अपना दम दिखाया। मुश्किल समय में फंसी टीम इंडिया को शिखर के शतक ने ही सबसे बड़ा सहारा दिया।

17वें ओवर में टीम इंडिया के 65 रन पर 4 विकेट गिर गए थे, लेकिन क्रीज पर गब्बर डटा रहा। सलामी बल्लेबाज के रूप में शिखर ने एक और शतकीय पारी जमाकर ही दम लिया।

शुरुआत में धवन को भाग्य का सहारा भी मिला। एक बार वो जब आउट हुए तो गंद नो बॉल थी। इसके बाद जिंबाब्वे के फील्डर्स ने कैच भी छोड़ें। लेकिन इन मौकों के बाद धवन ना सिर्फ खुद संभले बल्कि विकेटकीपर दिनेश कार्तिक के साथ मिलकर 167 रनों की एक ऐसी साझेदारी की जिससे टीम इंडिया को फिर से मैच में वापस आने का मौका मिला।

शिखर ने 127 गेंद में 11 चौके और 2 छक्कों की मदद से 116 रन की पारी खेली। जिंबाब्वे के खिलाफ जिम्मेदारी पारी खेलते हुए शिखर ने करियर का तीसरा शतक जड़ दिया। शिखर के सिर्फ 17 वनडे में तीन शतक हो गए हैं, जो एक भारतीय रिकॉर्ड है। इससे पहले विराट कोहली ने 32 मैचों में और गौतम गंभीर ने 39 मैचों में तीन शतक बनाए थे। धवन के शतक और उनादकट के 4 विकेट ने टीम इंडिया को 5 मैचों की सीरीज़ में 2-0 की बढ़त दी है।

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