नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर चार जवानों को मारा, सड़क पर फेंक दिए शव

बीजापुर। सकनापल्ली के पास से सोमवार को अगवा किए गए चारों सहायक आरक्षकों की नक्सलियों ने हत्या कर दी है। सूत्रों के मुताबिक नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर इन जवानों को मारा है। हत्या के बाद नक्सलियों ने चारों जवानों के शव कुटरू थाना क्षेत्र के गुमदा के पास फेंक दिए थे, डीएसपी नक्सल ऑपरेशन सुखनंदन राठौर ने घटना की पुष्टि की है।
कारण बताने फेंके पर्चे
जवानों के शवों के पास नक्सलियों ने पर्चे भी भेजे हैं जिनमें आरक्षकों की हत्या करने के कारण गिनाए हैं। नक्सलियों की नेशनलपार्क एरिया कमिटी द्वारा जारी पर्चे में लिखा गया है कि सहायक आरक्षक बनने के बाद चारों जवान स्थानीय ग्रामीणों पर अत्याचार करते थे, बच्चियों से छेड़छाड़ करते थे और नक्सली विरोधी अभियानों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते थे।
माफ नहीं किया जाएगा
पर्चे में नक्सलियों ने ग्रामीणों को चेतावनी दी है कि नगर सैनिक बनकर ग्रामीणों पर अत्याचार करने वालों को माफ़ नहीं किया जाएगा। नक्सलियों ने लिखा है कि सलवा-जुडूम में शामिल होकर जनता के दुश्मन बनने वालों को जनता मौत की सजा देगी। साथ ही नक्सलियों ने ग्रामीणों से सलवा जुडूम, ऑपरेशन ग्रीन हंट का विरोध करने की अपील की है।
इनकी हुई हत्या
नक्सलियों ने सोमवार को जयदेव यादव,मंगल सोढ़ी,राजू तेला व रामा मज्जी नाम के चार जवानों को अगवा किया था। इन्हें बीजापुर जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले केरपे इलाके में रखा गया था।
पांच दिन बाद भी कोई सुराग नहीं
10 जुलाई को नक्सलियों ने सहायक आरक्षक माड़वी सोमा का सुकमा से अपहरण किया था, माड़वी का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। उसे रिहा करने के लिए तोंगगुड़ा गांव के दो दर्जन ग्रामीणों ने जंगल जाकर नक्सलियों से गुहार लगाई थी। हालांकि नक्सलियों ने उन्हें वापस लौटा दिया था।