नगरीय विकास मंत्री: नियमन में पैसे का लेन-देन, इसीलिए बोला… बोलता रहूंगा

नगरीय विकास मंत्री राजपाल सिंह शेखावत से महेश शर्मा की सीधी बात
आपने पृथ्वीराज नगर की भ्रष्टाचार की बात कही है, ऐसा क्यों लगा?
पैसे का इन्वॉल्वमेंट तो है। फायदा पहुंचाने की नीयत से खाली स्कीम में कैंप लगाए और आबादी वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता नहीं दी?
क्या ऐसा कोई नियम है कि वहां खाली जमीन में कैंप नहीं लगेंगे ?
लेकिन खाली स्कीम में रोड तो नहीं निकलती। सरकार ने पीआरएन में कैंप की छूट लोगों को फायदा पहुंचाने की नीयत से दी है, न कि इसके नाम पर गली निकालने की नीयत से। कुछ जगह भूमाफियाओं को फायदा मिला है, उन्होंने मिलीभगत कर कैंप लगा लिए। नियम की व्याख्या कॉमनसेंस से भी तय होती है।
कैंप अकेले जोन उपायुक्त तय नहीं करता। बाकियों की कोई भूमिका नहीं?
 जोन उपायुक्त की जिम्मेदारी तो है। फैलियर तो है ही। सीधे पैसे लेना ही नहीं, नेग्लीजेंसी भी एक तरह का करप्शन है। मेरे पास शिकायतें आ रही थीं।
क्या मंत्री स्तर पर ऐसे बयान अफसरों को हतोत्साहित नहीं करते?
ये अफसरों को तय करना है, वो कैसे काम करते हैं। वो सरकार के नौकर हैं। गड़बडिय़ां होंगी तो कार्रवाई होगी।
आप ही अपने अफसरों पर आरोप लगाएंगे तो समाधान कौन निकालेगा?
…जहां कहने की बात होगी, वहां लोगों को कहेंगे भी। इसमें क्या है, कैसा पर्दा…समाधान भी निकालेंगे।
यह कहा था- जहां आबादी है, वहां पर ही अफसरों ने हर बार कोई कोई समस्या बताकर कैंप नहीं लगाए। खासकर जोन-16 में इस तरह के मामले हैं। जिनकी शिकायतें मिलती रही हैं। इनके तथ्य मांगे हैं।
एक दिन पहले एसीबी से जांच की कहने वाले राजपाल बोले- अब एसीएस से जांच कराएंगे।
क्या यह वजह तो नहीं कि जेडीसी आपकी सुनते नहीं ?
 ऐसा नहीं है। मैं काम की आजादी देता हूं तो लगाम भी खींचता हूं। मैं क्रिटिकली खुद के आधार पर चीजों को वेल्यु-एट करता हूं। और मैं मंत्री जेडीए, निगम या हाउसिंग बोर्ड का ही नहीं। मेरे पास पूरा प्रदेश है। और दायरा बड़ा, इसलिए छोटी-छोटी बातों में दखल भी नहीं देता। शिकायत आने पर एक बार जोन उपायुक्त को कहा था। शिकायतें बढ़ती गईं तो मुझे ही पृथ्वीराज नगर में जाना पड़ा।
मंत्री ने पीआरएन की खाली जमीन पर पट्टे देने के मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, आप क्या कहेंगे?
जिन समितियों के रिकॉर्ड जमा हैं, उन्हीं के कैंप लगाए हैं।
उनके मुताबिक स्कीमों में कैंप लगाने में पैसे का इन्वॉल्वमेंट हुआ है?
स्पेशिफिक शिकायत प्राप्त होने पर जरूर जांच करा कार्रवाई कराएंगे।
मंत्री ने पहले सर्किलों पर जेडीए कार्रवाई पर सवाल उठाए तो काम रुक गया, पीआरएन में भी ऐसा होगा क्या?
सर्किलों पर काम हुआ है, पीआरएन में भी जारी रहेगा।