नया खुलासा: आतंकियों ने पठानकोट एयरबेस के अंदर खाली पड़े शेड में गुजारी थी रात

नई दिल्ली. पठानकोट एयरबेस के आसपास रहने वाले लोगों की पहुंच आसानी से एयरबेस के अंदर तक थी। यह बात भी सामने आई है कि आतंकियों ने एयरफोर्स स्टेशन के खाली पड़े एक शेड में हमले से पहले रात गुजारी थी।
लोकल लोग कैसे करते थे एयरबेस में एंट्री…
– एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंटेलिजेंस एजेंसियों ने होम मिनिस्ट्री को बताया है कि एयरफोर्स स्टेशन के कुछ गेटों पर सिक्युरिटी नहीं के बराबर थी। यहां घास भी काफी ज्यादा होती है।
– आसपास गुज्जर कम्युनिटी के काफी लोग हैं जो दूध बेचते हैं। ये लोग सिक्युरिटी गार्डों को 20 रुपए देकर जानवरों को चराने के लिए बेस के अंदर ले आते थे। कैंटीन से सामान भी खरीदते थे।
अब जागी पंजाब सरकार
– हमले के बाद अब पंजाब सरकार आसपास रहने वाले गुज्जर कम्युनिटी के लोगों की गिनती कर रही है। अंदर कैंटीन के अलावा कई और दुकानें भी हैं।
– यहां रहने वाले कुछ लोगों के पास आइडेंटिटी कार्ड तो हैं, पर ज्यादातर ऐसे हैं जो पैसे देकर एयरबेस में एंट्री कर जाते थे।
हमले से पहले आतंकियों ने शेड में गुजारी थी रात
– अंग्रेजी अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने एनआईए सूत्रों के हवाले से कहा है कि आतंकियों ने हमले से पहले एयरबेस के मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस के खाली पड़े शेड में रात गुजारी थी।
– जानकारी के मुताबिक, आतंकियों ने यहां खाना खाया। फर्नीचर को हटाकर सोने की जगह भी बनाई।
– सूत्रों के मुताबिक, आतंकी इतने बेफिक्र इसलिए थे, क्योंकि उन्हें पता था कि इस शेड का इस्तेमाल एयरफोर्स नहीं करती और न ही इसे चेक किया जाता है।
जांच के दौरान बाल-बाल बचा एनआईए अफसर
– एयरबेस में जांच में लगी एनआईए का एक अफसर बाल-बाल बच गया। आतंकी यहां कुछ जिंदा बम छोड़ गए थे।
– सोमवार को जांच के दौरान एक अफसर का पैर इस बम पर पड़ने वाला था, लेकिन वक्त रहते एक असिस्टेंट ने उनको पीछे खींच लिया। इस बम की पिन निकली हुई थी। बम घास में छुपाकर रखा गया था।
जुलाई में ही थी हमले की साजिश
– एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंटेलिजेंस ब्यूरो और पंजाब पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आतंकी पठानकोट एयरबेस पर हमला पिछले साल जुलाई में ही करना चाहते थे।
– रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में गर्मी रहती है। अंधेरा देर से होता है। आतंकियों को लगा कि हथियारों के साथ एयरफोर्स बेस में घुसना आसान नहीं होगा। इसलिए उन्होंने पहले जो बिल्डिंग दिखी, उसी पर हमला कर दिया। यह बिल्डिंग दीनानगर पुलिस स्टेशन की थी।

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