नरेंद्र मोदी के कायल परवेज मुशर्रफ भी, इन बातों से मिला सबूत

जहां परवेज मुशरर्फ भारत और मोदी की सूझबूझ के कायल हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ भी अब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कायल हो गए हैं। हालांकि उन्हें इस बात का बड़ा दुख है कि मोदी की वजह से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान का सम्मान नहीं किया जाता।

‘मोदी पाकिस्तान पर हावी’

एक इंटरव्यू के दौरान परवेज मुशर्रफ ने नरेंद्र मोदी के साथ साथ पाकिस्तान की कमजोर और निष्क्रिय कूटनीति पर भी बात की और कहा, ‘जहां तक वैश्निक कूटनीति की बात है तो मोदी पाकिस्तान पर हावी हो रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पाकिस्तान अलग-थलग पड़ गया है। आप बताएं क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को सम्मान मिलता है? हमारी मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति कमजोर है, कई कमियां हैं। मोदी हमारे ऊपर हावी हैं..अतंरराष्ट्रीय स्तर पर हम अकेले पड़ गए हैं।’

परवेज मुशरर्फ को शायद भारत की यह बात भी भा गई कि उसने पाक जेल में बंद कुलभूषण जाधव को अपना जासूस मानने से इंकार कर दिया। तभी तो पाकिस्तान द्वारा लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठन कबूलने पर मुशर्रफ नाराज दिखे और कहा कि जिस तरह भारत ने पाकिस्तान जेल में बंद कुलभूषण जाधव को जासूस मानने से इंकार कर दिया, उसी तरह पाकिस्तान को भी यह बात कबूल नहीं करनी चाहिए थी कि लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन है।

73 फीसदी भारतीयों की पसंद मोदी सरकार

वैसे मोदी दुनियाभर में ही छाए हुए हैं। ना सिर्फ भारत, बल्कि अमेरिका से लेकर जापान तक भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुरीद हैं। इतना ही नहीं करीब 73 फीसदी भारतीयों को मोदी की सरकार में भरोसा है जो किसी और देश से ज्यादा है। इस खुलासा अंतरराष्ट्रीय संगठन ऑर्गेनाइज़ेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट की रिपोर्ट में भी हुआ था।

अमेरिका ने रोकी पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद

वहीं पाकिस्तान पर अब अमेरिका भी भारी पड़ गया है और हाल ही में उसने पाकिस्तान को दी जाने वाले सैन्य मदद रोकने का भी एलान कर दिया। यूएन में अमेरिकी एम्बेसडर निकी हेली ने पाकिस्तान को 1626 करोड़ रुपए की अमेरिकी मिलिट्री एड (सैन्य सहायता) रोके जाने की पुष्टि की है। इसके अलावा व्हाइट हाउस से एक बयान भी जारी किया गया जिसमे कहा गया कि अगले 24 से 48 घंटों के अंदर अमेरिका पाकिस्तान के खिलाफ और कड़े कदम उठा सकता है।

वहीं सोमवार को डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट करते हुए कहा था कि अमेरिका ने 15 साल तक पाकिस्तान की मदद की और बदले में उसने अमेरिका को केवल धोखा और झूठ दिया।

पाकिस्तान के बचाव में उतरा चीन

इसके बाद पाकिस्तान का दोस्त चीन उसके सपोर्ट में आ गया है। चीन ने कहा कि दुनियाभर में आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के योगदान को पहचानना चाहिए।