निगम की पोटलियों से दाल,शक्कर,तेल व मसाले गायब!

  • प्रतिदिन मिल रही शिकायतें
  • पुर्व पार्षदों के पट्ठे कर रहे कलाकारी

शैलेन्द्र सिंह पंवार, इन्दौर। निगम की पोटली से राशन गायब होने का सिलसिला नहीं रूक रहा है, पुर्व पार्षदों के पट्ठे इसमे जमकर कलाकारी कर रहे है। जरूरतमंदों की बजाए अपने चहेतों को भी राशन देने में इनकी रूचि बनी हुई है। ऐसी एक नहीं, अनेक शिकायतें विधायकों के साथ ही प्रमुख भाजपा-कांग्रेस के नेताओं व निगम अधिकारियों तक पहुंच रही है।

विधायकों व पार्षदों के माध्यम से निगम जरूरतमंदों तक ये राशन पहुंचा रहा है, जिसमे राशन की दो तरह की पोटली तैयार करवाई जा रही है, एक में आटा,दाल,चावल,शक्कर, तेल व मसाले होते है, जबकि दूसरी में आटा,दाल,चावल व नमक रहता है। इस तरह की अभी तक लाखों पोटलियां शहर में बांटी जा चुकी है और ये सिलसिला अभी भी जारी है, लेकिन इन पोटलियों से राशन गायब होने की शिकायतें भी लगातार मिल रही है, कई शिकायतें विधायकों व निगम अधिकारियों तक भी पहुंची है। हालांकि इसे कैसे रोका जाए, इसकी कोई गुंजाईश भी नहीं है, क्योंकि वितरण का पुरा काम पुर्व पार्षदों व बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के माध्यम से किया जा रहा है। और इनके व्दारा ही गड़बड़ी की जा रही है, खासकर पुर्व पार्षदों के पट्ठे जमकर कलाकारी कर रहे है। ये जरूरतमंदों की बजाए अपने चहेतों को भी घर-घर राशन पहुंचा रहे है, इनमे कई ऐसे भी है जो संपन्न है, लेकिन फिर भी इन्हे राशन की पोटली पहुंचाई जा रही है। 8 से 10 दिन के अंतराल में जरूरतमंदों को राशन देना है, पर चहेतों व रिश्तेदारों को आए दिन राशन पहुंचाया जा रहा है।

■ निगमकर्मी भी तलब
निगम की पोटलियों से आटा,चावल व नमक तो लगभग हर जरूरतमंद तक पहुंच रहा है, लेकिन दाल,शक्कर,तेल व मसाले कई लोगों की पोटलियां से गायब रहते है। चुंकि ये सामग्री महंगी रहती है, और इसकी अधिक जरूरत होती है, शायद इसलिए इन्हे गायब करने में ज्यादा कलाकारी की जा रही है। इस मामले में राशन व्यवस्था से जुड़े निगम के एक अधिकारी ने बताया की दोनों तरह की पोटली तैयार कर विधानसभा क्षेत्रों व वार्डों में पहुंचाई जा रही है। हम तक भी ऐसी शिकायतें पहुंची है, इसके लिए समय समय पर वितरण व परिवहन व्यवस्था से जुडे कर्मचारियों को भी तलब किया जा रहा है। बताते है 30 से 40 प्रतिशत पोटलियों में यह सामान गायब रहता है।

■ प्रतिदिन की 30 हजार पोटली
निगम वर्तमान में प्रतिदिन 30 हजार से अधिक राशन पोटलियां तैयार कर रहा है, निगम के कई अधिकारियों की देख रेख में सैकड़ों मजदूर ये पोटलियां तैयार कर रहे है। जिसमे 5 किलो आटा,1-1 किलो दाल,चावल,शक्कर,आधा लीटर तेल व मसाले होते है। औसतन एक विधानसभा क्षेत्र में प्रतिदिन 4 हजार पोटलियां पहुंच रही है, जबकि 6 हजार राशन पोटलियां एक सामाजिक संस्था को पहुंच रही है, जो भोजन तैयार कर गरीब बस्तियों में वितरित कर रही है।।

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