नीतीश की शपथ आज: तेजस्वी बन सकते हैं डिप्टी CM , ममता पहुंचीं, अखिलेश नहीं आएंगे

पटना. नीतीश कुमार शुक्रवार को पांचवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में दोपहर दो बजे होगा। अटकलें हैं कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम बन सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह में कई राज्यों के सीएम और बड़े राजनेताओं के शामिल होंगे। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी गुरुवार रात ही यहां पहुंचे चुकी हैं। हालांकि, यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे। न्योता मिलने के बावजूद पीएम मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे। माना जा रहा है कि बीजेपी की ओर से राजीव प्रताप रूड़ी और वेंकैया नायडू पटना जाएंगे।
लालू प्रसाद के बेटे हो सकते हैं डिप्टी सीएम
नीतीश कुमार की नई कैबिनेट में यादवों को ज्यादा अहमियत दी जा सकती है। वहीं, महागठबंधन में 101 में से 80 सीटों पर जीत के बाद बनने जा रही नई कैबिनेट में आरजेडी का पलड़ा भारी होने के संकेत मिल रहे हैं। लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव को डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना है। आरजेडी के सूत्रों के मुताबिक, लालू प्रसाद ने अपने हिस्से की कुल 16-17 मंत्रियों की लिस्ट तैयार कर ली है। बता दें कि आरजेडी में यादव जाति से कुल 42 एमएलए चुनकर आए हैं। माइनॉरिटी तबके से जुड़े 12 और दलित-महादलित तबके से 13 एमएलए हैं।
देवगौड़ा, केजरीवाल और राहुल भी शामिल होंगे
शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल शामिल होंगे। इनके अलावा पश्चिम बंगाल, असम, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक के सीएम के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है।
वीआईपी गेस्ट के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
वीआईपी गेस्ट को देखते हुए पटना के गांधी मैदान में सिक्युरिटी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। गुरुवार को एसपीजी की टीम ने गांधी मैदान की सिक्युरिटी का जायजा लिया। वॉच टावर पर तैनात जवान दूरबीन से पूरे इलाके पर नजर रख रहे हैं। गांधी मैदान के आसपास ऊंची इमारतों पर पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।
शपथ समारोह के लिए बनाए गए हैं दो स्टेज
शपथ समारोह के लिए दो स्टेज बनाए गए हैं। मुख्य स्टेज पर नीतीश कुमार और उनके मंत्री शपथ लेंगे। इसी स्टेज पर चीफ गेस्ट के बैठने की व्यवस्था की गई है। वहीं, मुख्य स्टेज के बगल में एक और स्टेज बनाया गया है, जिस पर चुनाव में जीतकर आए विधायकों को बैठाया जाएगा।
मंत्री बनने के लिए इन नेताओं की चर्चा
आरजेडी से : तेजप्रताप यादव, तेजस्वी यादव, अब्दुलबारी सिद्दिकी, रामचंद्र पूर्वे, आलोक मेहता, डॉ. अब्दुल गफ्फूर, फैयाज आलम, सूबेदार दास, समता देवी, चंद्रिका राय, राम विचार राय, महेश्वर प्रसाद यादव, श्रीनारायण यादव, विजय प्रकाश, रामानंद यादव, भाई वीरेंद्र, ललित यादव, भोला यादव, सुरेंद्र यादव, मुंद्रिका यादव और चंद्रशेखर।
जेडीयू से : विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, नरेंद्र नारायण यादव, श्याम रजक, लेसी सिंह, जय कुमार सिंह, श्रवण कुमार, राजीव रंजन सिंह ललन, महेश्वरी हजारी, लक्ष्मेश्वर राय, डॉ. रणवीर नंदन, विजय मिश्र व मेवालाल चौधरी।
कांग्रेस से : अशोक चौधरी, सदानंद सिंह, अशोक कुमार, विजय शंकर दूबे, अवधेश कुमार सिंह, मो. जावेद, अब्दुल जलील मस्तान, रामदेव राय, अमिता भूषण, पूनम पासवान व राजेश कुमार।
क्या है नियम?
नियमों के मुताबिक बिहार में ज्यादा से ज्यादा 36 मंत्री हो सकते हैं, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। बिहार असेंबली में कुल 243 सीट्स हैं। बताया जा रहा है कि आरजेडी के 16 मंत्री, जेडीयू के 14 और कांग्रेस के पांच विधायक मंत्री बन सकते हैं। बता दें कि आरजेडी के 80, जेडीयू के 71 और कांग्रेस के 27 एमएलए चुनकर आए हैं।
सिद्दिकी बन सकते हैं विधानसभा अध्यक्ष
सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी को विधानसभा अध्यक्ष बनाने की है। राजद का तर्क है कि सीएम जेडीयू कोटे से है तो विधानसभा अध्यक्ष का पद आरजेडी के हिस्से में आना चाहिए।