नीतीश ने स्वार्थ के लिए तोड़ा महागठबंधन, 3-4 महीने से चल रही थी प्लानिंग: राहुल

नई दिल्ली. बिहार में जारी राजनीतिक उठा-पटक के बीच राहुल गांधी ने कहा है कि नीतीश ने अपने स्वार्थ के लिए महागठबंधन तोड़ा है। उन्होंने कहा कि यह नीतीश की ओर से यह प्लानिंग 3-4 महीने से चल रही थी। बता दें कि लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव पर छिड़े विवाद के बीच नीतीश कुमार ने बुधवार शाम को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। नीतीश ने कहा कि मौजूदा हालात में उनके लिए महागठबंधन में काम करना मुश्किल था और अंतरआत्मा की आवाज पर उन्होंने ये कदम उठाया।
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– राहुल ने कहा, “3-4 महीने से हमें पता था ये प्लानिंग चल रही है। अपने स्वार्थ के लिए व्यक्ति कुछ भी कर जाता है। कोई नियम, क्रेडिबिलिटी नहीं है। सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई की वजह से नीतीश जी को बहुमत मिला था, लेकिन अब उन्होंने अपनी राजनीति के लिए उन्हीं लोगों से हाथ मिला लिया है।”
कैसे शुरू हुआ विवाद?
– सीबीआई ने 5 जुलाई को लालू, राबड़ी और तेजस्वी यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 7 जुलाई को सुबह CBI ने लालू से जुड़े 12 ठिकानों पर छापे मारे थे। जांच एजेंसी के मुताबिक 2006 में जब लालू रेलमंत्री थे, तब रांची और पुरी में होटलों के टेंडर जारी करने में गड़बड़ी की गई।
– इसके बाद तेजस्वी के इस्तीफे की मांग उठने लगी। मामला तब गरमा गया जब नीतीश कुमार की अगुआई में इस मसले पर 11 जुलाई को जेडीयू की अहम बैठक हुई।
– इससे पहले मई से ही लालू और उनके परिवार के खिलाफ 1000 करोड़ की बेनामी प्रॉपर्टी के आरोपों की इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जांच कर रहा था। मीसा और उनके पति के ठिकानों पर भी छापे मारे जा चुके थे।