नेपाल में भूकम्‍प से मरने वालों की संख्‍या पांच हजार से अधिक, करीब दस हजार लोग घायल।

नेपाल के गृहमंत्रालय ने बताया है कि शनिवार को आए विनाशकारी भूकंप और उसके बाद आये भूकंप के झटकों से अब तक पांच हजार छह लोगों की मौत हो गई है। गृहमंत्रालय के तहत राष्‍ट्रीय आपातकालीन केन्‍द्र ने बताया कि दस हजार दो सौ चौबीस से अधिक लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक एक हजार 39 लोग काठमांडु जिले में मारे गए हैं।नेपाल की सेना के प्रवक्‍ता ब्रिगेडियर जनरल जगदीशचन्‍द्र पोखरियाल ने बताया कि लोगों को बचाना प्राथमिक लक्ष्‍य है। नेपाली सेना के हेलीकाप्‍टर और भारतीय वायुसेना के विमान आपदा प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने में लगे हैं, लेकिन वर्षा की वजह से बचाव कार्य में रूकावट आई। ब्रिगेडियर पोखरियाल ने कहा है कि दूरदराज के इलाकों में सेना की टुकड़ियां भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि नेपाल हवाई सहायता के लिए भारत का शुक्रगुजार है, इससे दूरदराज के इलाकों में पहुंचना संभव हुआ है।  भारत, चीन, पाकिस्‍तान और बंगलादेश के अलावा आठ अन्‍य देशों ने भी तलाश, बचाव और राहत कार्यों में सहायता के लिए अपने जवान भेजे हैं।

भूकंप से प्रभावित सिंधूपालचौक, काठमांडू, नुवाकोट, धाविंग, भक्‍तपूर, ललितपूर, कावरे, गोरखा और रसूआ में राहत कार्यों में भूतपूर्व प्रगति देखी जा रही है। विदेशी राहत दल भी बड़ी सक्रियता के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। नौ विदेशी चिकित्‍सा दल भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं। नेपाल आर्मी के द्वारा भारतीय सेना के साथ मिलकर ग्‍यारह जिलों में नौ हजार किलो खाद्य सामग्री बांटी जा चुकी है। भारतीय सेना ने सात जिलों से लगभग एक हजार घायलों को अस्‍पताल पहुंचाया है। एक हजार से अधिक भारतीय वायु सेना, चिकित्‍सा दल, एनडीआरएफ की टीम इस संकट की घड़ी में दिन रात जुटे हुए है। अभी तक मौसम खुला हुआ है और राजधानी सहित अन्‍य दूरस्‍थ जिलों में भारत सरकार ने रेस्‍कयू ऑपरेशन तेज कर दिया है।