न्यू इंडिया के लिए मजबूत किसान जरूरी, कम ब्याज पर दे रहे हैं कर्ज

पुणे. नरेंद्र मोदी ने कहा है कि न्यू इंडिया का सपना साकार करने के लिए देश के किसान को मजबूत या सशक्त (empower) करना जरूरी है। पीएम ने डिजिटल गांव बनाने पर भी जोर दिया। मोदी ने कहा कि सरकार किसानों को कम ब्याज पर कर्ज दे रही है, ताकि उन्हें साहूकारों के चंगुल से निकाला जा सके। पुणे के भारतीय एग्रो इंडस्ट्रीज फाउंडेशन के गोल्डन जुबली प्रोग्राम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित करते हुए पीएम ने कहा- हम चाहते हैं कि हर साल धीरे-धीरे देश के कम से कम 500 गांव कैश का इस्तेमाल करना कम करें। इस प्रॉसेस के जरिए डिजिटल गांव बनाने का सपना पूरा किया जा सकता है।
और क्या कहा मोदी ने…
– मोदी ने कहा- मवेशियों के बारे में विचार करने और काम करने की जरूरत है। महिलाओं को इस बारे में स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। मवेशियों की तादाद बढ़ाई जानी चाहिए। महिलाओं का इस काम में योगदान बहुत जरूरी है।
– पीएम ने कहा, “देश को अगर तेजी से विकास के रास्ते पर ले जाना है तो किसान का सशक्त होना जरूरी है। आज ये जरूरत है कि हम अपने गांवों पर ग‌र्व करें। गांवों में हर साल ऐसे प्रोग्राम ऑर्गनाइज किए जाने चाहिए जिनसे जो लोग गांव छोड़कर शहर में बस गए हैं, वो वापस गांव आ सकें।”
– “गांव के विकास के लिए जरूरी है कि देश का किसान खुशहाल हो। क्योंकि वो अन्नदाता है। उसको सभी तरह की चिंताओं से मुक्त होना चाहिए। न्यू इंडिया का सपना तब तक अधूरा रहेगा जब तक कि हम किसान को सशक्त नहीं बना देते।”
कैसे डिजिटल बनेंगे गांव?
– गांवों को डिजिटल बनाने पर मोदी ने कहा- देश की सभी पंचायतों को सरकार ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ रही है। लेकिन ये भी जरूरी है कि गांव के लोग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने के काबिल बनें। हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर को भी डिजिटल करना होगा। मछली पालन या शहद निकालने जैसे कामों को बढ़ावा देना होगा।
– पीएम ने कहा, “हमारी सरकार की ये कोशिश है कि साल 2022 तक देश के किसान की इनकम को दोगुना किया जाए। हम उत्पादन केंद्रित नीति से आय केंद्रित नीति बनाने पर फोकस कर रहे हैं। खेती के उत्पादों की मार्केटिंग भी सही तरीके से करना जरूरी है।”
– “हमारी सरकार ऑर्गनिक खेती पर जोर दे रही है। देश में 9 करोड़ सॉइल हेल्थ कार्ड बनाए जा चुके हैं। देश की 500 मंडियों को इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट से जोड़ा गया है। हाल में सरकार ने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना शुरू की है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी है। किसान को अगर फसल पर नुकसान होता है तो उसका बीमा के जरिए घाटा पूरा किया जा सकता है। इससे साहूकारों को हटाने में भी मदद मिलेगी।”
सेल्फ हेल्प ग्रुप्स
– मोदी ने कहा, “खेती में करीब 70 फीसदी महिलाएं हैं। उन्हें ट्रेनिंग दी जानी चाहिए कि वो पशुओं को कैसे पालें। इसके लिए सेल्फ हेल्प ग्रुप्स बनाकर महिलाओं को वेटिनरी और एनिमल फीड सिखाई जा सकती है। हम हर बूंद पर ज्यादा फसल पाने के लिए जल क्रांति पर फोकस करें। विदर्भ और महाराष्ट्र के किसानों को जल संकट का सामना करना पड़ता है। इसीलिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना बनाई गई है।”
– मोदी ने एनर्जी सेक्टर के लिए सोलर अपनाने पर भी जोर दिया। पीएम ने एग्री-वेस्ट और कॉम्पोस्ट खाद की भी बात की।

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