पठानकोट अटैक से सबक? PAK बॉर्डर के सेंसिटिव इलाकों की लेजर से होगी सिक्युरिटी

नई दिल्ली. भारत सरकार बॉर्डर पर सिक्युरिटी और बढ़ाने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पठानकोट एयरबेस पर अटैक के बाद बॉर्डर पर 40 सेंसिटिव एरिया खोजे गए हैं। इन इलाकों में अभी कांटेदार फेंसिंग भी नहीं है।
कहां और क्यों बनाई जाएगी लेजर वॉल…
– घुसपैठ के लिहाज से सभी सेंसिटिव इलाके पंजाब में नदी के किनारे हैं।
– होम मिनिस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक इन इलाकों में लेजर वॉल लगाने का काम बीएसएफ ने पिछले हफ्ते से शुरू कर दिया है। ताकि आतंकियों की घुसपैठ को पूरी तरह से रोका जा सके।
– अभी तक 5-6 जगहों पर ही लेजर वॉल बनाई गई थी।
क्या है लेजर वॉल?
– सिक्युरिटी के लिहाज से घुसपैठ की आशंका वाली सीमा पर लेजर बीम लगा दी जाती है। लेजर की ये बीम अनविजिबल होती है।
– बीम को एक डिटेक्टर से जोड़ दिया जाता है। जैसे ही कोई लेजर बीम तोड़कर अंदर दाखिल होता है, वैसे ही सायरन बजने लगता है।
एयरबेस अटैक के आतंकियों ने कहां से ली थी एंट्री?
– माना जा रहा है कि एयरबेस अटैक के 6 आतंकियों ने बामियाल की उज्ज नदी से एंट्री ली थी।
– लेजर वॉल न होने के चलते आतंकियों के अंदर आने का पता ही नहीं चला था।
– उज्ज नदी से बॉर्डर के अंदर दाखिल होने वाले की इमेज लेने के लिए कैमरा लगाया गया था।
– कैमरे के काम न कर पाने के चलते एयरबेस टेररिस्ट की रिकॉर्डिंग नहीं हो पाई थी।
– पिछले साल जम्मू में इंटरनेशनल बॉर्डर पर लेजर वॉल बनाई गई थी। गुरदासपुर में हमला करने वाले टेररिस्ट यहीं से दाखिल हुए थे।
टेररिस्ट को मालुम हैं घुसने के रास्ते
– आतंकी जानते हैं कि ताश बॉर्डर के पास बामियाल में 5 किमी के रास्ते से घुसा जा सकता है। नदी होने के चलते यहां न तो कांटे की बाड़ है और न ही लेजर वॉल।
– बामियाल में बीएसएफ की पोस्ट है। जवान नदी की तरफ से पैदल मार्च करते हुए नजर रखते हैं।
– रात में नजर रखने के लिए तेज रोशनी वाली मास्ट लाइट्स भी हैं।
– माना जा रहा है कि एयरबेस पर हमला करने आए आतंकी सूखी पड़ी नदी के हिस्से से दाखिल हुए हों और जवानों की उन पर नजर ही न पड़ी हो।
कब हुआ पठानकोट हमला और इस केस में अब तक क्या हुआ?

– 2 जनवरी की सुबह 6 पाकिस्तानी आतंकियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला किया। इसमें 7 जवान शहीद हो गए।
– 36 घंटे एनकाउंटर और तीन दिन कॉम्बिंग ऑपरेशन चला।
– हमले का मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद का चीफ मौलाना मसूद अजहर है।
– अजहर को 1999 में कंधार प्लेन हाईजैक केस में पैसेंजर्स की रिहाई के बदले छोड़ा गया था।
– भारत ने आतंकियों की उनके हैंडलर्स से बातचीत की कॉल डिटेल्स और उनसे मिले पाकिस्तान में बने सामानों के सबूत पड़ोसी देश को सौंपे हैं।
– पाक मीडिया का दावा है कि मसूद अजहर को हिरासत में लिया जा चुका है। लेकिन पाकिस्तान इससे इनकार कर रहा है।
– इस बीच, भारत-पाक फॉरेन सेक्रेटरी लेवल की 15 जनवरी को होने वाली बातचीत टल चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *