पठानकोट: जांच में अमेरिका से मदद लेगा भारत, सालविंदर का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट

नई दिल्ली. एनआईए अमेरिकी जांच एजेंसियों की मदद से यह जानने की कोशिश करेगी कि आतंकियों के पास अमेरिकी दूरबीन कैसे आईं। पाकिस्तान आर्मी भी अमेरिका में बनीं इन दूरबीनों का इस्तेमाल करती है।
जैश ने अमेरिकी एयरबेस में चोरी तो नहीं की….
– एनआईए को शक है कि जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने शायद अफगानिस्तान के यूएस आर्मी बेस से यह दूरबीन चुराई होंगी।
– पाकिस्तान आर्मी भी अमेरिका में बने कई इक्युपमेंट्स का इस्तेमाल करती है। हो सकता है पाकिस्तान आर्मी ने ही दूरबीन जैश के आतंकियों को दी हों।
– अमेरिकी एजेंसियों को दूरबीनों के सीरियल नंबर देकर पूछा जाएगा कि क्या ये चोरीं हुईं? और अगर हां तो कब और कहां से?
– एनआईए एके-47 राइफलों के सीरियल नंबर हासिल कर चुकी है। जांच की जा रही है कि ये कैसे आतंकियों के पास पहुंचीं। क्लानिशकोव कंपनी से डीटेल्स शेयर की जा रही हैं।
– बता दें कि, गुरदासपुर के दीनानगर थाने पर आतंकी हमले के वक्त भी आतंकियों के पास से अमेरिका और पाकिस्तान में बने इक्युपमेंट्स बरामद किए गए थे।
एसपी सालविंदर सिंह का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट
– पठानकोट हमले के बाद कथित तौर पर शक के दायरे में आए गुरदासपुर के पूर्व एसपी सालविंदर सिंह का लाई डिटेक्टर टेस्ट होगा।
– ये टेस्ट अगले हफ्ते हो सकता है। इसके लिए कोर्ट और सालविंदर दोनों से परमिशन ली जाएगी।
– एनआईए की एक स्पेशल टीम सालविंदर से पांच दिनों से पूछताछ कर रही है। सालविंदर के कुक और दरगाह के मेंबर्स से भी पूछताछ की जा चुकी है। सालविंदर ने अब तक अलग-अलग बयान दिए हैं। इससे उन पर शक बढ़ गया है।

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