पठानकोट: PAK टीम को एयरबेस के अंदर जांच की इजाजत दे सकता है भारत

नई दिल्ली.पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले की जांच के लिए पाकिस्तान की ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन टीम 27 मार्च को भारत आ रही है। सूत्रों का कहना है कि भारत सरकार पाकिस्तान की इस टीम को एयरबेस के अंदर जाकर जांच की इजाजत दे सकती है।
जांच की प्रोग्रेस पर एनआईए से भी होगा डिस्कशन…
 – एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की जांच टीम अपना शेड्यूल इस तरह से तय करेगी, ताकि वो भारत की एनआईए से जांच में अब तक हुई प्रोग्रेस को लेकर बातचीत कर सके।
– एनआईए और पाकिस्तान की टीम के बीच मुलाकात दिल्ली में होगी। पठानकोट में जांच के दौरान पाकिस्तान टीम के साथ एनआईए के अफसर भी पूरे वक्त मौजूद रहेंगे।
– हालांकि, एनआईए चीफ शरद कुमार ने इस बारे में स्टैंड क्लियर नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस बारे में फैसला सरकार को लेना है।
एनआईए की तैयारी क्या?
 – जानकारी के मुताबिक, एनआईए के अफसरों ने कुछ सवाल तैयार किए हैं। ये सवाल पाकिस्तान की ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन टीम के सामने रखे जाएंगे।
– इसमें ये पूछा जाएगा कि पाकिस्तान ने अपने देश में किन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की? जिन लोगों को अरेस्ट किया गया है, उनकी डिटेल्स मांगी जाएंगी।
– पाकिस्तान की जांच टीम भी एनआईए से अब तक की जांच के बारे में कुछ सवाल करेगी। इस कवायद का मकसद दोनों टीमों के बीच कन्फ्यूजन दूर करना है।
– एक इंटरेस्टिंग बात तो ये है कि क्या पाकिस्तान की टीम एनएसए अजीत डोभाल से पूछताछ करेगी? दरअसल, पाकिस्तान में पठानकोट हमले की जो एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें शिकायत करने वाले के तौर पर डोभाल का नाम दर्ज है।
– पाकिस्तान के मीडिया में खबर आई थी कि वहां की टीम डोभाल का बयान इसी वजह से दर्ज करना चाहती है।
– हालांकि, भारत सरकार ने इस बारे में अब तक कुछ नहीं कहा है।
सुषमा अजीज की मुलाकात में तय हुई थी टीम के आने की तारीख
 – 17 मार्च को नवाज शरीफ के फॉरेन अफेयर्स एडवाइजर सरताज अजीज नेपाल में सुषमा स्वराज से मिले थे।
– मुलाकात के बाद सुषमा ने बताया था कि पठानकोट हमले की जांच के लिए पाकिस्तान की इन्वेस्टिगेशन टीम 27 मार्च को भारत आएगी। वहीं, सरताज अजीज ने कहा कि 31 मार्च को वॉशिंगटन में नवाज शरीफ और नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात हो सकती है।
कब हुआ पठानकोट हमला और इस केस में अब तक क्या हुआ?
– 2 जनवरी की सुबह 6 पाकिस्तानी आतंकियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला किया। इसमें 7 जवान शहीद हो गए।
– 36 घंटे एनकाउंटर और तीन दिन कॉम्बिंग ऑपरेशन चला।
– हमले का मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद का चीफ मौलाना मसूद अजहर है।
– अजहर को 1999 में कंधार प्लेन हाईजैक केस में पैसेंजरों की रिहाई के बदले छोड़ा गया था।
– भारत ने आतंकियों की उनके हैंडलर्स से बातचीत की कॉल डिटेल्स और उनसे मिले पाकिस्तान में बने सामानों के सबूत पड़ोसी देश को सौंपे हैं।
– इस बीच, भारत-पाक फॉरेन सेक्रेटरी लेवल की 15 जनवरी को होने वाली बातचीत टल गई।