पत्रकार जगेंद्र को जिंदा जलाने के केस में आरोपी मंत्री को नहीं हटाएगी यूपी सरकार

लखनऊ में यूपी के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने दिया बयान, बिना जांच किए मंत्री को नहीं करेंगे बर्खास्त।

लखनऊ. पत्रकार जगेंद्र सिंह को जिंदा जलाने के मामले में आरोपी मंत्री राममूर्ति वर्मा को यूपी सरकार फिलहाल बर्खास्त करने से इनकार कर दिया है। सोमवार को कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने कहा, ”सिर्फ आरोप लगने से कोई अपराधी साबित नहीं हो जाता। जबतक मामले की पूरी जांच नहीं होती, तब तक मंत्री को हटाने का सवाल ही पैदा नहीं होता।” बता दें कि यूपी में आए दिन पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं। शाहजहांपुर के बाद कानपुर और पीलीभीत में पत्रकारों पर जानलेवा हमले हो चुके हैं।

मंत्री ने कहा- जगेंद्र की मौत प्रकृति का विधान

यू्पी के उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पारस नाथ यादव ने पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत को ‘निश्चित घटना’ कहकर उसे प्रकृति का विधान बता दिया। साथ ही, पत्रकारों को नसीहत देकर उनकी कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पत्रकार अपना काम कैसे कर रहे हैं, जरा उसे भी देखा जाए।

बीजेपी सांसद आदित्यनाथ ने की सीबीआई जांच की मांग

बीजेपी नेता और गोरखपुर के सांसद आदित्यनाथ ने भी पत्रकार को जिंदा जलाने के मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। बलिया में उन्होंने कहा, ”जगेंद्र को जिंदा जलाने के मामले की सीबाआई जांच होनी चाहिए। यह मांग इसलिए की जा रही है, क्योंकि प्रदेश सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाली कोई भी जांच एजेंसी राज्यमंत्री से जुड़ा मामला होने की वजह से पत्रकार के पीड़ित परिवार को इंसाफ नहीं दिला सकेगी।”

धरने पर बैठा जगेंद्र का परिवार

उधर, सीबीआई जांच और मंत्री को बर्खास्त करने की मांग को लेकर रविवार को जगेंद्र का पूरा परिवार अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया। उनका कहना है कि मंत्री राममूर्ति वर्मा के गुर्गे और सपा नेता मिथिलेश कुमार उनपर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इसके लिए 10 लाख रुपए की पेशकश भी की गई है। ऐसा नहीं करने पर वे लोग परिवार को धमकी भी दे रहे हैं। पत्रकार जगेंद्र सिंह के बीवी-बच्चों ने मंत्री राममूर्ति वर्मा को बर्खास्त करने और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। इसके अलावा मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई है।

पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड
अब तक इस मामले में दो अधिकारियों सहित पांच पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है। बता दें, एक जून को पत्रकार जगेंद्र सिंह को कथित तौर पर जिंदा जला दिया गया था। मामले में यूपी के मंत्री राममूर्ति वर्मा पर संगीन आरोप लगे हैं। जोगेंद्र सिंह इस मंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगातार कैंपन चला रहे थे।

बयान का वीडियो हुआ था वायरल
मरने से पहले मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए जगेंद्र के बयान का विडियो वायरल होने के बाद से ही पूरे देश में इस घटना के विरोध की लहर उठ खड़ी हुई। मजिस्ट्रेट जगेंद्र का बयान लेने गए थे कि मंत्री मूर्ति उन्हें क्यों जलाना चाहते थे। विडियो में जलने के कारण दर्द से कराहते जगेंद्र को यह कहते सुना जा सकता है, ‘अगर वह (मंत्री) चाहते थे तो मुझे पीट सकते थे। मुझे जलाया क्यों?