परिवहन मंत्री का मिल मजदूरों के बच्चों को ऑटो परिमट में आरक्षण देने का एेलान

मुंबई. राज्य में मिल मजदूरों के बच्चों को अब ऑटो रिक्शा परमिट में 5 फीसदी आरक्षण मिलेगा। परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने सोमवार को इसका ऐलान किया।
साथ ही उन्होंने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के 107 शहीदों और महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा आंदोलन के 85 शहीदों के परिजनों को ऑटो रिक्शा परमिट में प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
महिलाओं को 5 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। हालांकि रावते के इस ताजा फैसले से विवाद बढ़ने के आसार हैं। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार आरक्षण का दायरा 52 फीसदी से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता।
रावते ने कहा कि ऑटो रिक्शा परमिट के लिए 52 फीसदी का सामाजिक आरक्षण बरकार रखा गया है। सामाजिक आरक्षण से छेड़छाड़ किए बिना मिल मजदूरों के बच्चों को आरक्षण दिया जाएगा। यह व्यवसायिक आरक्षण है।
इसको परिवहन मंत्रालय ने केवल अपने विभाग के लिए किया है। यानी मिल मजदूरों के परिजनों को सामान्य कोटे में से आरक्षण दिए जाएंगे।
इससे सामान्य वर्ग के लोग नाराज हो सकते हैं। हालांकि रावते ने उम्मीद जताई कि मिल मजदूरों के आरक्षण का कोई विरोध नहीं करेगा।
कोई नहीं करेगा विरोध
 मुंबई को बनाने में मिल मजूदरों का बहुमूल्य योगदान रहा है। इसलिए मुझे नहीं लगता है कि इस आरक्षण का कोई विरोध करेगा। हम अपने निर्णय पर अटल रहेंगे। मिल मजूदरों के बच्चों को रोजगार मुहैया कराकर रहेंगे।