पर्रिकर सरकार का गोवा असेंबली में आज फ्लोर टेस्ट, 22 MLAs का है सपोर्ट

पणजी.गोवा की मनोहर पर्रिकर सरकार को गुरुवार को असेंबली में फ्लोर टेस्ट पास करना होगा। न्यूज एजेेंसी के मुताबिक, पूर्व डिफेंस मिनिस्टर के लिए ये मुश्किल नहीं होगा, क्योंकि उनके पास 40 विधायकों वाली असेंबली में से कुल 22 MLAs का सपोर्ट है। इनमें बीजेपी के अपने 13 विधायक भी शामिल हैं। बहुमत का आंकड़ा 21 का है। 61 साल के IITian की क्लीन इमेज…
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– नरेंद्र मोदी ने 2014 में पर्रिकर को गोवा से दिल्ली बुलाया और डिफेंस मिनिस्टर बना दिया, लेकिन हालिया असेंबली इलेक्शन में बीजेपी का गोवा में परफॉर्मेंस पहले की तरह बेहतर नहीं रहा। उसे 13 सीटें मिलीं, लेकिन दूसरी पार्टियों के सपोर्ट से बीजेपी ने सरकार बना ली।
– कांग्रेस यहां 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। लेकिन कांग्रेस राज्यपाल को मेजॉरिटी का लेटर नहीं दे पाई। लिहाजा, गवर्नर ने बीजेपी को सरकार बनाने का ऑफर दिया।
– कांग्रेस इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट गई, लेकिन उसे वहां भी राहत नहीं मिली। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्डर में कहा कि सरकार दो दिन में मेजॉरिटी साबित करे।
किसका सपोर्ट पर्रिकर के साथ?
– 61 साल के पर्रिकर IITian हैं। वो चौथी बार गोवा के सीएम बने हैं। पर्रिकर को उनकी सादगी और क्लीन इमेज के लिए जाना जाता है।
– गोवा फॉरवर्ड पार्टी, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी और दो निर्दलीय विधायकों ने सरकार का सपोर्ट किया है।
– बहुमत साबित करने को लेकर पर्रिकर बुधवार को चिंता में नहीं दिखे। उन्होंने ब्यूरोक्रेट्स के साथ मीटिंग की।
– दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक दल के नेता चंद्रकांत कावेलकर से जब फ्लोर टेस्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इंतजार कीजिए और देखिए, क्या होता है।
शिवसेना का बीजेपी पर तंज
– महाराष्ट्र और केंद्र में सरकार में शामिल शिवसेना ने गोवा की घटनाओं को लेकर बीजेपी पर तंज कसा। कहा- “गोवा में जो कुछ हुआ, वो लोकतंत्र की हत्या है।”
– शिवसेना ने अपने माउथपीस सामना में कहा, “कांग्रेस गोवा में सरकार नहीं बना पाई, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि बीजेपी ने वहां जो किया, वो सही था। गोवा में आज फ्लोर टेस्ट के जरिए मेजॉरिटी तय हो जाएगी, लेकिन जो कुछ हुआ वो लोकतंत्र की हत्या है।”
गोवा असेंबली में क्या स्थिति है?
पार्टी विधायक
– कांग्रेस – 17
– बीजेपी – 13
– जीएफपी- 03
– एमजीपी – 03
– एनसीपी – 01
– निर्दलीय- 02
– पर्रिकर को बीजेपी के 13 विधायकों के अलावा जीएफपी के 3, एमजीपी के 3, निर्दलीय 2 और एनसीपी के 1 विधायक ने सपोर्ट दिया है। इस तरह पर्रिकर कांग्रेस के 17 विधायकों को छोड़कर असेंबली के बाकी बचे सारे विधायकों का सपोर्ट हासिल कर चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी कांग्रेस को फटकार
– कांग्रेस ने जब पर्रिकर सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की थी, तब कोर्ट का रुख सख्त था।
– मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कांग्रेस से कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि गोवा में सरकार बनाने के लिए आप गर्वनर के पास पहले क्यों नहीं पहुंचे। बहुमत था तो राजभवन के बाहर धरना क्यों नहीं दिया? इसके बाद उन्होंने पर्रिकर के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
– सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस से पूछा था कि क्या आपने अपने विधायकों की लिस्ट गवर्नर को सौंपी थी? आपके नंबर कहां हैं? अगर आप अपने विधायकों के साथ गवर्नर के पास पहले जाते और फिर यहां आते तो हमारे लिए फैसला लेना आसान होता।
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि यदि कांग्रेस के पास बहुमत था तो उसने गवर्नर के सामने जाकर इसका पहले दावा क्यों पेश नहीं किया या राजभवन के बाहर धरना क्यों नहीं दिया? यदि आपके (कांग्रेस के) पास बहुमत था तो आप विधायकों के एफिडेविट साथ क्यों नहीं लेकर आए, जिससे आपकी मेजॉरिटी साबित हो सके।

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