पल्स पोलियो की तर्ज पर अब प्रवासी मजदूरों की पहचान के लिए होगी डोर टू डोर स्क्रीनिंग: नीतीश

पटना. राज्य में पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर ही अब सभी प्रवासी मजदूरों की पहचान के लिए डोर टू डोर विस्तृत स्क्रीनिंग कराई जाएगी। ताकि किसी में कोरोना से संबंधित कोई लक्षण हो तो तुरंत उसकी पहचान हो सके। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग कराने का आदेश दिया।

उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग की यह प्रक्रिया एक अंतराल के बाद फिर शुरू कराई जाए और इसका लगातार फाॅलोअप भी किया जाय ताकि कोई प्रवासी मजदूर स्क्रीनिंग से नहीं छूटे। संक्रमित की समय रहते पहचान करके कोरोना चेन को तोड़ा जा सकेगा। यह काम विशेष टीम बना कर होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव दीपक कुमार को कोरोना संक्रमण की जांच और बचाव के लिए मिले या मिलने वाले उपकरणों को उपयोग में लाने की पुख्ता व्यवस्था रखने का आदेश दिया। स्वास्थ्य विभाग हरसंभव स्रोत से वेंटिलेटर, टेस्टिंग किट, पीपीई किट, दवा और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करे ताकि आवश्यकता के हिसाब से उसका उपयोग हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया राज्यस्तरीय टास्क फोर्स तत्काल  काम शुरू करे।

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