पहले टेस्ट में जीतते-जीतते हार गई टीम इंडिया, ये रहे हार के 5 कारण

बर्मिंघम : टीम इंडिया ने इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच हार गई है. मैच के चौथे दिन ही इंग्लैंड ने भारत को 31 रनों से हराकर अपना 1000वां टेस्ट जीतकर इतिहास रच दिया. इंग्लैंड अब पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है. काफी नजदीकी रहे इस मुकाबले में एक समय भारत की जीत की संभावनाएं ज्यादा थीं लेकिन दूसरी पारी में कप्तान विराट कोहली के आउट होते ही इंग्लैंड ने मैच पर अपना शिकंजा कस लिया और मैच अपने नाम कर लिया.

1  टीम इंडिया की विराट पर निर्भरता
टीम इंडिया खासकर उसके बल्लेबाज पूरी तरह से विराट पर निर्भर नजर आए. दोनों पारियों में उनके अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज नहीं चल सका पहली पारी में भारत के 274 रनों के स्कोर में से 149 केवल विराट कोहली ने ही बनाए थे दूसरी पारी में भी विराट ने 51 रन बनाए जबकि बाकी शीर्ष 5 बल्लेबाजों में से कोई भी 13 रनों से ज्यादा रन नहीं बना सका.

2  भारत की कमजोर बल्लेबाजी
पहली पारी में भी एक समय भारत का स्कोर पांच विकेट पर केवल 100 रन ही था. शिखर धवन ने 26 रन, हार्दिक पांड्या ने 22 रन, मुरली विजय ने 20 रन, आजिंक्य रहाणे ने 15 रन और रविचंद्रन अश्विन ने 10 रन बनाए थे.दूसरी पारी में भारत की आधी टीम केवल 78 रनों के स्कोर पर ही पवेलियन लौट गई थी मुरली विजय 6 रन पर आउट हुए तो  शिखर धवन, लोकेश राहुल और रविचंद्रन अश्विन भी 13 रनों का योगदान ही दे सके. अजिंक्य रहाणे केवल 2 रन बनाकर आउट हुए. इस तरह से भारत की बल्लेबाजी विराट को छोड़कर पूरी तरह से नाकाम रही.

3  इंग्लैंड की शानदार गेंदबाजी 
इस मैच में इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार गेंदाबाजी कर कई कैच गंवाने के बावजूद शानदार गेंदबाजी की और मौकों का भरपूर फायदा उठाया. पहली पारी में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा विकेट 4 विकेट सैम कुरैन ने लिए थे. वहीं जेम्स एंडरसन, बेन स्टोक्स और आदिल राशिद ने  दो-दो विकेट लिए. इस तरह टीम इंडिया का पहली पारी का स्कोर 274 बना सकी जिससे  इंग्लैंड की टीम पहली पारी के 287 रन बनाने के बावजूद 13 रन की अहम बढत लेने में कामयाब रही. वहीं दूसरी पारी में जेम्स एंडरसन ने 2, स्टुअर्ट ब्रॉड ने 2 बेन स्टोक्स ने 3 सैम कुरैन ने 1 और आदिल राशिद ने 2 विकेट लिए..

4  इंग्लैंड के सैम कुरैन का दोहरा प्रर्दशन
तीसरे दिन लंच तक की इस स्थिति में टीम इंडिया का पलड़ा भारी ही नजर आने लगा जब लंच के तुरंत बाद इंग्लैंड का एक विकेट और गिर गया और इंग्लैंड का स्कोर 87 रनों पर सात विकेट हो गया. लेकिन इसके बाद दो बार इंग्लैंड का वापसी करा चुके 20 साल के सैम कुरैन ने एक बार फिर टीम इंडिया की जीत को आसान करने से रोकते हुए शानदार अर्शतक लगाते हुए 63 रनों की पारी खेली. कुरैन ने ब्रॉड के साथ 41 रनों की साझेदारी की.

सैम कुरैन ने आठवे विकेट की साझेदारी करते हुए आदिल राशिद के साथ न केवल इंग्लैंड का स्कोर 100 के पार कराया बल्कि इंग्लैंड की पारी में सबसे ज्यादा रन भी बना लिए. सैम के बाद सबसे ज्यादा रन जॉनी बेयरस्टॉ ने बनाए जो कि 28 रन ही थे. दूसरे सत्र में खराब रोशनी के कारण खेल रोके जाने के समय कुरैन ने 30 रन बना लिए थे. और इग्लैंड का स्कोर 7 विकेट पर 131 रन कर दिया था.  कुरैन और आदिल ने 48 रनों की साझेदारी की.

ऐसा केवल पहली बार ही नहीं हो रहा है जब कुरैन ने इंग्लैंड पर हावी होती टीम इंडिया को रोका. इससे पहले पहली पारी में जब सैम कुरैन बल्लेबाजी करने आए थे. उससे समय इंग्लैंड के विकेट धड़ाधड़ गिर रहे थे.. जोस बटलर के आउट होने के बाद इंग्लैंड का स्कोर 224 रनों पर 6 विकेट हो गया था और वे बेन स्टोक्स का साथ देने क्रीज पर आए थे. इसके बाद स्टोक्स 243 रन पर, आदिल राशिद 278 रन पर और स्टुअर्ट ब्रॉड 283 रन पर आउट होते गए लेकिन सैम कुरैन ने अपना विकेट नहीं गंवाया और पहले दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड की टीम को आउट होने से बचा लिया.

इसके बाद दूसरी बार सैम कुरैन ही इंग्लैंड के लिए कमाल किया जब टीम इंडिया की पहली पारी में सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 50 रनों की नाबाद साझेदारी कर दी थी तब सैम कुरैन ने एक के बाद एक तीन विकेट लेकर विराट की टीम को संकट में डाल दिया. था इसके बाद जब विराट कोहली पिच पर जमने लगे थे और हार्दिक भी अपनी पारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे तब सैम ने दोनों के बीच 48 रनों की साझेदारी को तोड़ते हुए हार्दिक पांड्या को आउट कर दिया.

5 नाजुक मौकों का फायदा न उठा पाना
टीम इंडिया कई मौकों को भुनाने में नाकाम रही. इसकी वजह उपरोक्त कारण भी रहे. इनमें  स्लिप पर शिखर धवन ने जो सैम कुरैन का कैच छोड़ा था वह सबसे खास रहा क्योंकि उस समय सैम कुरैन 13 रन के निजी स्कोर पर  खेल रहे थे जिसके बाद उन्होंने 63 रनों की पारी खेल डाली. इसके अलावा टीम इंडिया के बल्लेबाज भी 194 रनों के लक्ष्य का पीछा करने में भी कोई खास फायदा नहीं उठा सके. उनके खेलने का तरीका वही रहा जो पहली पारी में था.

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