पांच साल बाद एक साथ अभ्यास करेंगी भारत-चीन की सेनाएं

Tatpar 24 Aug 2013

चीनी सैनिकों के बार-बार भारतीय क्षेत्र में घुस आने की घटनाओं के बीच करीब पांच साल बाद दोनों देशों की सेनाएं एक साथ युद्ध का अभ्यास करेंगी. चेंगदू क्षेत्र में 4 नवंबर से यह अभ्यास शुरू होगा और 14 नवंबर तक चलेगा.

दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बैठक में यह फैसला लिया गया. उन्होंने बताया कि दोनों सेनाएं संयुक्त राष्ट्र के आदेश के तहत उग्रवाद और आतंकवाद निरोधी कौशल का प्रदर्शन करेंगे.

यह दोनों पक्षों के बीच अभ्यास का तीसरा संस्करण है. इससे पहले दिसंबर 2008 में बेलगाम में दोनों सेनाओं ने एक साथ अभ्यास किया था. सबसे पहले 2007 में चीन में कुनमिंग में दोनों देशों के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास हुआ था.

लेकिन 2010 में जब चीन ने उस वक्त के उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बी एस जसवाल को वीजा देने से मना कर दिया तो नई दिल्ली ने बीजिंग के साथ सभी द्विपक्षीय आदान-प्रदान रोक दिए थे.

फिर साल 2012 में संयुक्त अभ्यास को बहाल करने का फैसला किया गया. यह फैसला उस वक्त के चीनी रक्षा मंत्री जनरल लियांग गुआंगली और उनके भारतीय समकक्ष एके एंटनी के बीच बैठक के बाद किया गया था.

हाल में दोनों देशों ने अपनी नौसेना और वायु सेना के बीच संयुक्त अभ्यास के जरिए सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ाने का भी फैसला किया है.

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